नई कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला, 23100 करोड़ के इमरजेंसी हेल्थ पैकेज का ऐलान
नई दिल्ली, 08 जुलाई। मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल होने के बाद आज (गुरुवार) मंत्रिंडल की पहली बैठक हुई। मीटिंग में कोरोना वायरस की तीसरी संभावित लहर के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया गया है। नए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि सरकार ने 23100 करोड़ के इमरजेंसी हेल्थ पैकेज का ऐलान किया है। मीटिंग खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि बैठक में किसान, कोरोना आदि के मुद्दे पर अहम फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मंडियों के जरिए किसानों तक एक लाख करोड़ रुपए पहुंचाएगी, सरकार मंडियों का सशक्तिकरण चाहती है इसलिए यह अहम फैसला लिया गया है।
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'हमारे देश में एक बड़े क्षेत्र में नारियल की खेती होती है। इसका उत्पादन बढ़े और किसानों को सहूलियत दिया जा सके इसके लिए 1981 में नारियल बोर्ड एक्ट लाया गया था इसमें हम संशोधन करने जा रहे हैं। बोर्ड का अध्यक्ष गैर शासकीय व्यक्ति होगा। बजट में कहा गया था कि मंडियां समाप्त नहीं होगी बल्कि मंडियों को और मज़बूत किया जाएगा। मंडियों को और संसाधन मिले इस दृष्टि से प्रयास किया जाएगा। कृषि अवसंरचना फंड को आत्मनिर्भर भारत के तहत 1 लाख करोड़ रुपये प्रवर्धित किया गया है उस फंड का उपयोग APMC कर सकेगी।'
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हेल्थ पैकेज की घोषणा करते हुए कोरोना के खिलाफ सरकारी की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'आज कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण फैसला किया गया। अप्रैल 2020 में कोविड के लिए पहले पैकेज में 15 हजार करोड़ रुपए दिए गए। कोविड अस्पताल 163 से बढ़कर 4,389 हो गए। ऑक्सीजन बेडों को 50,000 से बढ़ाकर 4,17,396 कर दिए गए। भविष्य में कोविड से कैसे निपटे उसके लिए 23 हज़ार करोड़ रुपए का पैकेज लाया जाएगा। केंद्र सरकार 15,000 करोड़ रुपए देगी और राज्य सरकारें 8,000 करोड़ रुपए देगी। 736 ज़िलों में पीडिएट्रिक यूनिट बनाए जाएंगे। 20,000 ICU बेड तैयार किए जाएंगे।' उन्होंने आगे कहा कि हर ज़िले में 10,000 लीटर ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी। हर जिले में एक करोड़ रुपए की दवाईयों का बफर स्टॉक किया जाएगा। 23,000 करोड़ रुपए के इस पैकेज की सारे प्रावधानों को अगले 9 महीनों में अमल में लाया जाएगा।
43 मंत्रियों ने थी शपथ
आपको बता दें कि मोदी कैबिनेट के विस्तार में 43 मंत्रियों ने पद की शपथ ली है, जिनमें 36 नए और 7 पुराने मंत्री शामिल रहे। इनमें से अनुराग ठाकुर, किरण रिजिजू समेत सात पूर्व राज्य मंत्रियों का कैबिनेट स्तर पर प्रमोशन किया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक है, इसके अलावा शाम 7 बजे मंत्रिपरिषद की भी बैठक बुलाई गई है। शपथ ग्रहण के अगले ही दिन एक के बाद एक होने वाली इन बैठकों को लेकर कुछ बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।
मालूम हो कि कैबिनेट के लिए शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल देखने को मिला,12 मंत्रियों ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अलावा स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल, डीवी सदानंद गौड़ा, थावरचंद गहलोत, संतोष कुमार गंगवार, बाबुल सुप्रियो, धोत्रे संजय शामराव, रतन लाल कटारिया, प्रताप चंद्र सारंगी और देबाश्री चौधरी शामिल हैं।












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