पीएम मोदी का बड़ा फैसला, बोस के खुफिया दस्तावेज होंगे सार्वजनिक!
नई दिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी करने के मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में रॉ, आईबी, गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय शामिल हैं।

कोर्ट ने पूछा बोस की दस्तावेज क्यों नहीं करते सार्वजनिक
केंद्र सरकार द्वारा गठित यह कमेटी नेताजी से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक किये जाने पर भी चर्चा करेगी। इस कमेटी की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे।
इससे पहले नेताजी के परपोते सूर्य कुमार बोस ने जर्मनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. बोस ने मुलाकात में प्रधानमंत्री से नेताजी से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने अपने जर्मनी के दौरे में बर्लिन में बोस के परपोते सूर्य कुमार बोस से मुलाकात की थी। मोदी ने उन्हें परिवार की जासूसी की जांच की आश्वासन दिया था। हाल ही में लीक हुए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि बोस के परिवार की नेहरू के कार्यकाल में जासूसी हुई थी।
वहीं बोस के परिवार ने उनकी जासूसी के खिलाफ कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए सरकार से बोस की मौत से जुड़े अहम दस्तावेजों को सार्वजनिक किये जाने की मांग की है।












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