मोदी के मंत्री बोले- किसानों का कर्ज माफ करने के लिए नहीं है पैसा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, इसलिए कर्जा माफी नही करना चाहती। यह बात केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
मेघवाल ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ करने के लिए केंद्र सरकार के पास पैसे नहीं है। राज्य सरकारें अगर किसानों का कर्ज माफ करना चाहती हैं तो वो अपने बजट से ऐसा फैसला ले सकती हैं।

2022 तक आय दोगुना करना लक्ष्य
मेघवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का लक्ष्य है कि साल 2022 तक किसानों की आय दोगुना हो जाए। इसके लिए सरकार कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर ही है।
वहीं सोमवार को लगभग यही बात वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने भी कही। जेटली ने स्पष्ट कहा कि महाराष्ट्र सरीखे राज्य सरकारों को जो किसानों की ऋण माफी के लिए उत्सुक हैं उन्हें इसके लिए धन की व्यवस्था खुद से करनी होगी।
शिवराज के मंत्री बोले
इससे पहले मध्य प्रदेश के किसानों ने आंदोलन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उपवास के दौरान ही राज्य के कृषि मंत्री गौरी शंकर ने कहा था कि कर्ज माफी की कोई संभावना ही नहीं है क्योंकि जब साल 2008 में मैं मंत्री बना तो मैंने 3 फीसदी पर ऋण उपलब्ध कराने का वादा किया और उसके अगले साल हमने 1 फीसदी ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया। इसके बाद ऋण शून्य फीसदी ब्याज पर उपलब्ध कराया। जब हमने ऋण पर कोई ब्याज लगाया ही नहीं तो हम माफ कैसे कर सकते हैं? मैं पूर्ण रूप से ऋण माफी के पक्ष में नहीं है। ना तब , ना अब।'
गौरतलब है कि 1 जून से शरू हुए किसानों के आंदोलन में अब तक 6 किसान पुलिस की गोली और लाठी से मारे जा चुके हैं।












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