Delhi Zoo VIDEO: में सफेद बाघिन के दोनों शावक पिंजरे से बाहर निकले, मां के साथ मस्ती करते दिखे

दिल्ली चिड़ियाघर में अब सफेद बाघ के दो शावक भी नजर आएंगे। उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

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अगर आप वनजीव प्रेमी हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। अब आप दिल्ली चिड़ियाघर में सफेद बाघ के पूरे परिवार का दीदार कर पाएंगे। केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को सफेद बाघिन के दो शावकों को अखाड़े में रिलीज किया।

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    VIDEO: Delhi Zoo में सफेद बाघिन के दोनों शावक पिंजरे से बाहर निकले, मां के साथ मस्ती करते दिखे

    वहीं दूसरी ओर दोनों शावक काफी चंचल हैं। वो बंद पिंजरे में घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही उसका दरवाजा खुला दोनों बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने अपने इलाके का जायजा लिया। साथ ही मां के साथ जमकर मस्ती की। इन दोनों का नाम अवनी और विओम रखा गया है।

    8 महीने के हुए शावक
    सीता नाम की सफेद बाघिन दिल्ली चिड़ियाघर में काफी फेमस है। उसने पिछले साल अगस्त में जुड़वा शावकों को जन्म दिया। जिस पर तीनों को क्वारंटीन कर दिया गया था। अब 8 महीने की उम्र में उन्होंने मां के साथ चलना और खेलना-कूदना सीख लिया है। इस वजह से उन्हें पिंजरे से रिलीज कर दिया गया।

    पानी में करने लगे मस्ती
    दिल्ली में भीषण गर्मी जारी है। ऐसे में बाघों के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। उनके बाड़े में पानी का खास इंतजाम किया गया। पिंजरे से निकलते ही दोनों शावक पानी में जाकर मस्ती करने लगे। जिस पर उनकी मां भी वहां आकर बैठ गई।

    क्यों अलग होते हैं सफेद बाघ?
    सामान्य बाघों का शरीर लाल और पीले रंग का मिश्रण होता है, जबकि उस पर काले रंग की धारियां रहती हैं, लेकिन सफेद बाघ में ये दोनों रंग गायब रहते हैं। इसके सफेद रंग पर काली धारियां बनी होती हैं और आंखों का रंग अलग होता है। हालांकि सफेद बाघ खान-पान, रहन-सहन सामान्य बाघों की तरह ही होता है।

    क्यों रंग होता है सफेद?
    जेनेटिक विसंगतियों की वजह से सामान्य बाघों का ही रंग सफेद हो जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि 10 हजार बाघों में से एक बाघ सफेद होता है। दुख की बात ये है कि दुनिया में कोई भी सफेद बाघ खुले जंगल में नहीं है। उन्हें चिड़ियाघरों में कैद करके रखा गया है।

    महाराजा मार्तंड सिंह की अहम भूमिका
    आपको बता दें कि 1951 में महाराजा मार्तंड सिंह ने सफेद बाघों का कुनबा बढ़ाने का फैसला लिया था। जिस वजह से आज भारत में अच्छी खासी संख्या में सफेद बाघ हैं। कहा जाता है कि देश के सारे सफेद बाघ मोहन के वंशज हैं।

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