मेहुल चोकसी ने अपने अपहरण का किया दावा, प्रधानमंत्री के निर्देश पर एंटीगा और बारबुडा पुलिस ने शुरू की जांच
नई दिल्ली, जून 7। भारत से करीब 13 हजार करोड़ रुपए का बैंक घोटाला करके विदेश भाग चुके हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को वापस लाने की सभी कोशिशें एकबार फिर नाकाम होती दिख रही हैं। दरअसल, मेहुल ने अपने अपहरण का दावा किया है, जिसके बाद एंटीगा और बारबुडा की रॉयल पुलिस फोर्स ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि मेहुल के वकीलों ने डोमिनिका में मेहुल के अपहरण की बात कही है। एंटीगा और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने एक स्थानीय मीडिया आउटलेट को बताया कि चोकसी के वकीलों ने कथित रूप से अपहरण की शिकायत में कमिश्नर के भी शामिल होने की बात कही है। गैस्टन ब्राउन का कहना है कि अगर अपहरण के दावे सही हैं तो ये वाकई एक गंभीर मामला होगा।

पुलिस मामले की कर रही है जांच- गैस्टन ब्राउन
प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा है कि पुलिस इस शिकायत को काफी गंभीरता से ले रही है। गैस्टन ब्राउन ने अपने बयान में कहा है, "चोकसी ने एंटीगा और बारबुडा की रॉयल पुलिस फोर्स में शिकायत दर्ज कराई है कि उसका अपहरण कर लिया गया है। उसने अपने वकीलों के जरिए ये दावा किया है कि उसे एंटीगा से किडनैप कर डोमिनिका ले जाया गया, इसलिए पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मामले की पूरी जांच की जा रही है।
विपक्षी नेताओं ने मेहुल के दावे को बताया गलत
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोमिनिका के विपक्षी नेता लेनोक्स लिंटन ने अपहरण के दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि मेहुल चोकसी को 23 मई को रात 10 बजे के आसपास अर्ने के यॉट कॉलिओप में डोमिनिका लाया गया था। वहीं मेहुल के परिवार का कहना है कि वह 23 मई की शाम 5 बजे तक एंटीगा में था, जहां से 120 मील की दूरी चार से पांच घंटे में तय करना नामुमकिन है, क्योंकि इतनी दूरी तय करने में लगभग 12-13 घंटे लगते हैं।
पुलिस की हिरासत में है मेहुल चोकसी
आपको बता दें कि मेहुल चोकसी 23 मई को एंटीगा और बारबुडा से रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था, जहां वह 2018 से एक नागरिक के रूप में रह रहा था। फिलहाल मेहुल डोमिनिका में अवैध रूप से घुसने के आरोप में पुलिस की हिरासत में है, जहां से भारत सरकार उसे प्रत्यर्पित कर वापस लाने का प्रयास कर रही है।












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