साध्‍वी प्रज्ञा के बीजेपी में शामिल होने पर महबूबा मुफ्ती बोलीं- अगर मैं आतंकवादी को मैदान में उतार दूं तो...

नई दिल्ली: साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है। पार्टी ने उन्हें भोपाल से टिकट दिया है। भोपाल में उनका मुकाबला मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से होगा। साध्वी को पार्टी में शामिल करने पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रट(पीडीपी) महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर मैंने आतंकवादी को मैदान में उतारा तो क्या होगा?

'महबूबा मुफ्ती ने पूछा सवाल'

पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर लिखा कि कल्पना करो गुस्से का, अगर मैंने किसी आतंक के आरोपी को मैदान में उतारा तो, चैनलों में #mehboobaterroris ट्रेड हो रहा होगा। इन लोगों के मुताबिक आंतक का कोई धर्म नहीं होता अगर ये भगवा कट्टरपंथ है। लेकिन वही दूसरी और सभी मुस्लिम आतंकी हैं। निर्दोष होने तक दोषी। मुफ्ती ने भाजपा को इस बात के लिए आड़े लिया, जिसमें वो कहती है कि हिंदू आतंक जैसी कोई चीज नहीं है।

साध्वी प्रज्ञा को बीजेपी ने टिकट

साध्वी प्रज्ञा को बीजेपी ने टिकट

बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने बुधवार को मध्यप्रदेश की चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। बुधवार को पार्टी की सदस्यता लेने वाली साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ टिकट दिया गया है। इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। दिग्विजय सिंह 16 साल बाद चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होने 2003 के बाद से कोई भी विधानसभा चुनाव या लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। वो साल 1993 से 2003 तक लगातार 10 साल मध्यप्रदेश के सीएम रहे थे। इससे पहले बीजेपी ऑफिस से निकलने के बाद साध्वी ने कहा था कि वो भोपाल से चुनाव लड़ेंगी और जीतेंगी भी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मेरे साथ हैं।

ये भी पढ़ें- भोपाल लोकसभा सीट की पूरी जानकारी

साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट केस में हुई गिरफ्तार

साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट केस में हुई गिरफ्तार

साध्वी प्रज्ञा को साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने इस मामले में क्लीन चिट दे थी। लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उनके ऊपर मकोका के तहत लगे आरोप हटा दिए थे। उनके ऊपर अभी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। वो अभी जमानत पर बाहर हैं। वो लगातार 9 सालों तक जेल में रही थी। जमानत मिलने के बाद उन्होंने कहा था कि मुझे लगातार 23 दिनों तक यातनाएं दी गई थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+