Meghalaya Tension : गृह विभाग ने 48 घंटे और बढ़ाया Internet Suspension, कई जिले प्रभावित
Meghalaya internet suspension 48 घंटे और जारी रहेगा। मेघालय सरकार के गृह और पुलिस विभाग ने कहा कि 26 नवंबर के पूर्वाह्न 10.30 बजे से 48 घंटे तक कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट निलंबित रहेगी। Meghalaya internet suspension
सीमा विवाद के कारण मेघालय सरकार ने 7 जिलों में अगले 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है। Meghalaya internet suspension पिछले 24 घंटे से जारी है, जिसे आगे बढ़ा दिया गया है। मेघालय सरकार के गृह विभाग ने शुक्रवार को कहा, वेस्ट जैंतिया हिल्स, ईस्ट जैंतिया हिल्स, ईस्ट खासी हिल्स, री-भोई, ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स, वेस्ट खासी हिल्स और साउथ वेस्ट खासी हिल्स जिलों में 26 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाएगी।

सात जिलों में इंटरनेट बंद
मेघालय पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे वॉट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब जैसे इंटरनेट ऑप्शन कानून और व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित और भंग कर सकते हैं। ऐसे में असम और मेघालय के सीमावर्ती इलाकों में हुई अप्रिय घटना के मद्देनजर सार्वजनिक आदेश जारी कर सात जिलों में इंटरनेट बंद जारी रखने का फैसला लिया गया है। बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद हिंसा हुई, आक्रोशित लोगों ने पुलिस को भी निशाना बनाया। बवाल छह लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ था और हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति शांत लेकिन तनावपूर्ण है।
22 नवंबर को हुआ बवाल
बता दें कि मेघालय की राजधानी शिलांग में उस समय तनाव व्याप्त हो गया था जब गुरुवार 24 नवंबर की शाम बदमाशों ने एक ट्रैफिक बूथ में आग लगा दी। उपद्रवियों ने सिटी बस सहित तीन पुलिस वाहनों पर हमला किया। घटना असम-मेघालय सीमा पर चार दिन पहले यानी 22 नवंबर को हुई हिंसा के विरोध में आयोजित कैंडल मार्च के दौरान हुई। 22 नवंबर की घटना में मेघालय के वेस्ट जैंतिया हिल्स जिले के मुकरोह क्षेत्र में फायरिंग की घटना में मेघालय के पांच लोगों के अलावा असम वन रक्षक के एक कर्मी की मौत हो गई थी।
आक्रोशितों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने तनाव शांत करने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और आदेश लागू करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक शिलॉन्ग के ईस्ट खासी हिल्स में तैनात पुलिस अधीक्षक (एसपी) एस नोंगटंगर ने कहा कि बवाल के दौरान एक सिटी बस और एक जिप्सी सहित तीन पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए। एसपी ने कहा, "उपद्रवियों ने शहर में एक ट्रैफिक बूथ में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल बम फेंके।"
असम के साथ लगी सीमा पर झड़प, फायरिंग
गौरतलब है कि मंगलवार को असम के पुलिस और वन रक्षकों की टुकड़ी और ग्रामीणों के बीच कथित झड़प में छह लोगों की मौत हो गई थी। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। कथित झड़प असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले और मेघालय के पश्चिम जैंतिया हिल्स के मुक्रोह गांव की सीमा से लगे इलाके में हुई।
नगालैंड में दिसंबर, 2021 में हुई हिंसा
बता दें कि मेघालय में उपजे हालिया विवाद से पहले भी पूर्वोत्तर के एक अन्य राज्य नगालैंड में हालात बेकाबू होते दिखे थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संसद में बयान देना पड़ा था। शाह ने नगालैंड में दिसंबर, 2021 में हुई हिंसा मामले पर संसद के शीतकालीन सत्र में कहा था कि सरकार हिंसा की निंदा करती है। सुरक्षाबलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई न हो, जिसमें आम नागरिकों को जान गंवानी पड़े। उन्होंने नगालैंड को मोन जिले में ओटिंग में हुई गोलीबारी के मामले की जांच के लिए SIT के गठन का ऐलान किया था।
नगालैंड में भी 6 लोगों की मौत हुई थी
करीब 12 महीने पहले नगालैंड में फायरिंग के चरमपंथी गतिविधियों के इनपुट पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बारे में शाह ने कहा था कि संदेह के आधार पर सुरक्षाबलों को गोली चलानी पड़ी और फायरिंग के दौरान वाहन में सवार 8 लोगों में से 6 की मौत हो गई, लेकिन दुर्भाग्य से ओटिंग की फायरिंग गलत पहचान का मामला निकला। गोलीबारी से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने आर्मी यूनिट को घेर कर वाहनों में आग लगा दी। हिंसा में एक जवान शहीद हो गया।












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