मेदांता के चीफ नरेश त्रेहान ने स्कूल खुलने पर जताई चिंता, बच्चों में कोविड खतरे को लेकर किया अलर्ट
नई दिल्ली, 29 अगस्त। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की तैयारियों के बीच टीकाकरण अभियान युद्धस्तर पर जारी है। भारत में अब तक कुल 62 करोड़ से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है, हालांकि इस आंकड़े में 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग वाले लोग शामिल हैं। बच्चों के टीकाकरण को लेकर सरकार की तरफ से जल्द बड़े ऐलान की उम्मीद की जा रही है। इस बीच मेदांता ग्रुप के अध्यक्ष डॉ नरेश त्रेहान ने बच्चों में कोरोना वायरस को लेकर बड़ी चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि देश में कोरोना मामले कम होने के बार फिर प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है। बाजार, परिवहन और स्कूलों को फिर से खोला जा रहा है, ऐसे में तीसरी लहर को लेकर भी विशेषज्ञों ने सरकार को वार्निग दी है। स्कूलों को फिर से खोलने पर मेदांता ग्रुप अध्यक्ष डॉ नरेश त्रेहान भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा,
भारत में बच्चों का टीकाकरण नहीं हो रहा है। यदि पर्याप्त बच्चे बीमार पड़ जाते हैं, तो हमारे पास उनकी देखभाल के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं हैं। हमारी जनसंख्या के आकार को देखते हुए हमें सतर्क रहना चाहिए। तथ्य यह है कि अभी एक वर्ग का टीकाकरण अभी उठाकर कोने में दिया गया है।
'बच्चों में कोविड का खतरा कम, खोल दें स्कूल'
डॉ नरेश त्रेहान के बयान से बिल्कुल उलट बीते शनिवार 55 से ज्यादा डॉक्टरों और शिक्षकों ने पीएम ऑफिस, शिक्षा मंत्री समेत कई मंत्रालयों को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा, जिसमें सबसे पहले प्राइमरी स्कूलों को खोलने की मांग की गई, क्योंकि छोटे बच्चों को संक्रमण का खतरा कम है। इस पत्र को राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्रियों को भी भेजा गया है। पत्र लिखने वालों के मुताबिक स्कूल खोलने का समर्थन करने के लिए उनके पास वैश्विक सबूत हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत स्कूल खोलने और व्यक्तिगत रूप से कक्षाएं शुरू करने पर विचार करना चाहिए।
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