जन्माष्टमी के चलते बेंगलुरु में बंद रहेंगी मीट की दुकानें, महानगर पालिका ने जारी किया आदेश
नई दिल्ली, 18 अगस्त: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के चलते बेंगलुरु में दो दिन मांस की बिक्री नहीं होगी। इसको लेकर बुधवार को बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने विस्तृत आदेश जारी किया। इस आदेश के मुताबिक बीबीएमपी सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले सभी बूचड़खानों में जानवरों को काटने और उनके मांस को बेचने पर रोक लगाई गई है। ये नियम सभी रिटेल स्टोर्स पर भी लागू होंगे।

इस साल जन्माष्टमी गुरुवार और शुक्रवार को मनाई जा रही, ऐसे में दो दिन मीट की दुकानें बंद रहेंगी। इसके बाद ये पहले वाले नियम के तहत खुल सकेंगी। इससे पहले रामनवमी पर भी बीबीएमपी ने इसी तरह का आदेश जारी किया था, जिस पर जमकर राजनीति हुई। मामले में एक अधिकारी ने बताया कि साल में कम से कम 8 त्योहारों पर ऐसा आदेश जारी किया जाता है। ये सब प्रमुख त्योहार माने जाते हैं।
हलाल और झटका को लेकर हो चुका है विवाद
इस साल अप्रैल में कर्नाटक में हलाल और झटका मीट को लेकर विवाद हुआ था। दरअसल 3 मार्च को होसा-तोड़ाकू उत्सव मनाया गया। जिसके तहत कई इलाकों में हिंदू समुदाय के लोग देवी-देवाताओं को मांसाहार का भोग लगाते हैं। फिर उसको प्रसाद के रूप में बांटते हैं। उस दौरान हिंदू संगठनों ने लोगों से मुस्लिमों की दुकान से मीट नहीं खरीदने की अपील की थी। उनका कहना था कि मुस्लिम हलाल मीट बेचते हैं। इस प्रक्रिया में जानवर को तड़पाकर मारा जाता है। कुछ लोगों का दावा है कि ये हलाल मीट पौष्टिक होता है। वहीं दूसरी ओर ज्यादातर हिंदू झटका मीट का प्रयोग करते हैं, जिसमें एक ही बार में जानवर को खत्म कर दिया जाता है।












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