चीन विवाद: मनमोहन सिंह के बयान को विदेश मंत्रालय ने बताया राजनीतिक, कहा- हमारे तथ्य स्पष्ट
नई दिल्ली, 17 फरवरी: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार की आर्थिक और विदेशी नीतियों पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा उन्होंने लद्दाख में एलएसी के पास चीनी सेना के जमावड़े को भी गंभीर मुद्दा बताया। ये बयान पूर्व प्रधानमंत्री का था, जिस वजह से तुरंत भारतीय विदेश मंत्रालय भी एक्टिव हुआ और मनमोहन सिंह के बयान पर सरकार का पक्ष रखा। इसके अलावा यूक्रेन में फंसे भारतीय पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी।

मनमोहन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार आज की समस्याओं जैसे- महंगाई, बेरोजगारी आदि को सुलझाने के बजाए नेहरू पर अटकी है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, विदेश नीति आदि में भी मोदी सरकार को फेल बताया। मनमोहन सिंह के मुताबिक चीनी सेना हमारी सरहदों पर है और सरकार तथ्य दबाने की कोशिश कर रही है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमारी नजर में ये राजनीतिक बयान है। जहां तक चीन से विवाद का मामला है, वहां हमारे तथ्य स्पष्ट हैं। मुझे उन्हें दोहराने की जरूरत नहीं है, हम चीन के साथ बातचीत की प्रक्रियाओं को चल रहे हैं।
यूक्रेन विवाद पर प्रवक्ता ने कहा कि जब हम कोई एडवाइजरी जारी करते हैं, तो हम उसमें हो रहे घटनाक्रमों के साथ-साथ इस बात का आंकलन भी करते हैं कि हम वहां अपने नागरिकों की सहायता कैसे कर सकते हैं। हमारा ध्यान भारतीय नागरिकों, भारतीय छात्रों, भारतीय नागरिकों पर है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन से भारतीयों की तत्काल निकासी की कोई योजना नहीं है, इसलिए कोई विशेष उड़ान अभी नहीं चलाई जा रही है। वहीं एयर बबल व्यवस्था के तहत जो सीमित उड़ानों की संख्या थी, उन्हें हटा दिया गया है। इसके अलावा सरकार की कोशिश है कि यूक्रेन से ज्यादा से ज्यादा विमानों का संचालन भारत के लिए किया जा सके।












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