मायावती का हमला, बोलीं- 17 जातियों के लोगों के साथ धोखा कर रही योगी सरकार
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को एससी कैटेगरी में शामिल करने का फैसला किया था। योगी सरकार के इस फैसले पर अब बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रतिक्रिया आई है। मायावती ने सरकार के इस फैसले को इन जातियों से ताल्लुक रखने वाले लोगों के साथ धोखा बताया है। मायावती ने कहा कि योगी सरकार ने संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया है।

17 जातियों के लोगों के साथ धोखा हुआ - मायावती
बसपा सुप्रीमो ने मायावती ने कहा कि इन 17 जातियों से ताल्लुक रखने वाले लोगों के साथ धोखा हुआ है क्योंकि इनको किसी भी कैटेगरी का फायदा नहीं मिलेगा, उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें ओबीसी नहीं मानेगी। मायावती ने ये भी कहा उन्हें एससी कैटेगरी से संबंधित लाभ नहीं मिल पाएगा क्योंकि कोई भी राज्य सरकार उन्हें अपने आदेशों के माध्यम से किसी भी श्रेणी में नहीं डाल सकती है या उन्हें हटा नहीं सकती है।

राजभर ने भी साधा योगी सरकार पर निशाना
जबकि सुहेलदेव भासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा। राजभर ने ट्वीट किया, 'उत्तर प्रदेश में 17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल का शिगूफा छोड़कर सरकार इन 17 जातियों को गुमराह कर उपचुनाव में वोट लेने की तैयारी कर रही है। अगर सीएम योगी आदित्यनाथ वास्तव में इन जातियों का विकास करना चाहते है तो आपके पास सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट 8 महीने से पड़ी है, इसको तत्काल लागू कर आगे जो भी भर्ती हो उसमे अतिपिछड़ों,की भागीदारी सुनिश्चित करें।'

17 ओबीसी जातियों को एससी कैटेगरी में शामिल होने करने का फैसला
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए अति पिछड़ा वर्ग की 17 जातियों को अनुसूचित जातियों की लिस्ट में डाल दिया है। ये अति पिछड़ी जातियां हैं- निषाद, बिन्द, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौड़। इन जातियों को एससी की कैटेगरी में डालने का सीधा फायदा इनके लिए बढ़े आरक्षण के फायदे के तौर पर होगा। इसे फैसले को पिछड़ी जातियों को लुभाने वाले फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।












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