मथुरा हिंसा: रामवृक्ष के कमरे से मिली महिलाओं की जींस, टॉप और मिनी स्कर्ट
मथुरा। मथुरा के जवाहरबाग में अवैध कब्जेदारी हटाने को लेकर पिछले दिनों हुई हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे काबू में आ रहे हैं। इस हिंसा में 27 लोगों की मौत हुई थी और अब इसपर सियासत शुरु हो गई है। कई सवालों के जवाब अभी भी जवाहरबाग के सीने में दबी हुई है जो परत दर परत बाहर आ रही हैं। यही है रामवृक्ष यादव जिसके इशारे पर मथुरा में मचा मौत का तांडव

प्रशासन ने जवाहरबाग को पूरी तरह से कब्जे में ले लिया और सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। इस बीच पुलिस को रामवृक्ष यादव के कमरे से कई संदिग्ध चीजें मिली हैं। जानकारी के मुताबिक रामवृक्ष के कमरे की तलाशी में पुलिस को महिलाओं के कपड़े मिले हैं। इनमें जींस, टॉप, मिनी स्कर्ट और महंगी साडि़यां शामिल हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने पाया कि रामवृक्ष के कमरे में एसी लगा हुआ था। इतना ही नहीं पुलिस ने यह भी पाया है कि रामवृक्ष जिस गाड़ी का इस्तमाल करता था उसकी कीमत करीब 20 लाख रुपए है।
जवाहरबाग में अनाथ मिले 23 बच्चे
जवाहरबाग में तलाशी के दौरान पुलिस को 23 बच्चे मिले हैं। इनके माता-पिता का कुछ पता नहीं है। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ बच्चों के माता-पिता या तो इस घटना में मारे गए या वे पुलिस हिरासत में हैं। फिलहाल इन बच्चों को फिरोजाबाद के बाल सुधार गृह में लाया गया है। इनके भाग्य का फैसला बाल संरक्षण समिति करेगी। बयानों के आधार पर उनके अभिभावकों का पता किया जा रहा है।
इन 23 बच्चों में लखीमपुर खीरी से नौ, चंदौली, रीवा, शांहजहांपुर, हरदोई, बरेली, बहराइच, सिद्धार्थनगर, औरेया, सितापुर और सिधी (एमपी) से एक एक बच्चा है। सभी की उम्र 10 से 16 साल के बीच है। बच्चों ने बताया कि उन्हें सुबह खाने में खिचड़ी और शाम को चार पांच बजे खाना मिलता था। उन्हें यहां खाना और नौकरी का भरोसा देकर लाया गया था। बच्चे रामवृक्ष यादव को 'बड़े पिता जी' कहकर पुकारते थे।












Click it and Unblock the Notifications