शहादत का अपमान: अंतिम संस्कार में कम पड़ी लकड़ियां तो शहीद के अधजले शरीर को काटा
जयपुर। जिस जवान ने देश के सम्मान की खातिर पर अपनी जान गवां दी, अंतिम विदाई में उसके पार्थिव शरीर का अपमान किया गया। जी हां जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए रमेश चौधरी के अंतिम संस्कार में जब लकडि़यां कम पड़ गईं तो उनके शरीर के टुकड़े कर चिता में जलाने की कोशिश की गई।

मामला सामने आने के बाद किरकिरी से बचने के लिए वसुंधरा सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने कहा है कि दोषियों को माफ नहीं किया जाएगा।
क्या था पूरा मामला?
शहीद की शहादत को शर्मसार करने वाला यह मामला राजस्थान के सिरोह जिले के नागाणी गांव का है। बीएसएफ की 125वीं बटालियन के जांबाज जवान रमेश चौधरी शनिवार को कश्मीर में आंतकियों मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। शहीद रमेश चौधरी का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा नागाणी पहुंचा तो पूरा जिला शोक में डूब गया। हजारों की संख्या में लोग इस बहादुर को अंतिम विदाई देने पहंचे थे।
लेकिन अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। शहीद के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन करने के लिए लकड़ियां कम पड़ गईं। इसके बाद उसके अधजले शरीर को काटकर आग में जलाने की कोशिश की गई।
फोटो खिंचवाने में ज्यादा व्यस्त दिखे राजस्थान सरकार के मंत्री
शहीद के इस अंतिम विदाई में स्थानीय प्रशासन के साथ ही साथ राजस्थान सरकार में मंत्री ओटाराम देवासी भी पहुंचे थे। यहां उन्हें अंतिम संस्कार की परवाह कम थी और फोटो खिंचवाने की जल्दी ज्यादा। मंत्री जी ने फटाफट फोटो खिंचवाई और अंतिम संस्कार पूरा होने से पहले ही वहां से चलते बने।
नोट: सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वनइंडिया उस वीडियो की सत्यता का दावा नहीं करता है।












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