पाक फायरिंग में शहीद जवान का शव पहुंचा गांव, नम आंखों से विदाई देने को उमड़ी भारी भीड़
लखनऊ। पिछले कुछ दिनों से लगातार सीमा पर पाकिस्तान की ओर से हो रहे सीजफायर उल्लंघन की वजह से कई जवान और स्थानीय लोग घायल हुए हैं। पाक की फायरिंग में कुछ जवान शहीद भी हुए हैं। देवरिया के लाल सत्यनारायण भी पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन में शहीद हो गए थे, उनका शव आज देवरिया पहुंचा है। सत्यनारायण के शव के गांव पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। सत्यनारायण के शहीद होने की खबर सुनकर सदमे में उनकी चाची ने भी दम तोड़ दिया।

भारी संख्या में भीड़
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में शनिवार को पाक की ओर से हुई फायरिंग में देवरिया जनपद के बांसपार बैटा के लाल सत्य नारायण यादव शहीद हो गए थे, जिसके बाद आज उनका शव गांव पहुंचा है। सत्यनारायण के घर के पास भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहां हर किसी की आंखे नम थी। सदर कोतवाली के पांसपार बैदा गांव निवासी सत्य नारायण यादव बीएसएफ की 33वीं बटालियन में एसआई के पद पर तैनात थे। जिस वक्त पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया उस वक्त जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में सत्यनारायण यादव की तैनाती थी।
बदला ले मोदी सरकार
पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के दौरान शनिवार देर रात सत्यनारायण की छाती में गोली लग गई थी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। आज सुबह पांच बजे सत्यनारायण का शव उनके गांव पहुंचा था। शहीद का शव गांव पहुंचने के बाद परिजन मोदी सरकार पर बिफर पड़े। लोगों का कहना है कि उन्हें पाकिस्तान से बदला लेना चाहिए। सत्यनारायण की पत्नी ने मांग की है कि उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए और पाकिस्तान से बदला लेना चाहिए।
वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्राम बेदा निवासी बीएसएफ जवान सत्य नारायण की चाची रामरती देवी का निधन हो गया। उनकी उम्र 80 वर्ष थी। रामरती देवी के निधन के बाद पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
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