Manipur Violence: मणिपुर की घटनाओं में क्यों आ रहा है Elon Musk के Starlink का नाम?
Manipur Violence: मणिपुर में 19 महीनों से हालात असामान्य है। एक अदालती फैसले से भड़की जातीय हिंसा खत्म होने का नाम नहीं ले रही। देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां हालत सुधारने में लगी हुई हैं, सुप्रीम कोर्ट तक की राज्य की स्थिति पर नजर रही है, लेकिन स्थिति बदल नहीं पा रही। रह-रहकर अप्रिय घटनाओं की सूचना से सारे देश का ध्यान उसकी ओर खिंच जाता है।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा बलों को वहां सर्च ऑपरेशन के दौरान कुछ ऐसी चीजें मिली हैं, जिसकी वजह से अमेरिका के अरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क को भी सफाई देनी पड़ रही है।

मणिपुर के गांव में मिले स्टारलिंक के उपकरण
अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक की सेवाएं भारत में आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं है। लेकिन, सुरक्षा एजेंसियों के तब कान खड़े हो गए, जब सर्च ऑपरेशन के दौरान उसने मणिपुर के इम्फाल ईस्ट जिले के केइराओ खूनो गाव में स्टारलिंक के डिश और राउटर बरामद किए हैं।
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एलन मस्क ने किया आरोपों का खंडन
हालांकि, सोशल मीडिया पर एलन मस्क ने इसका खंडन किया है और कहा है कि उनकी कंपनी भारत में स्टारलिंक की सेवाएं नहीं दे रही। उन्होंने लिखा है, 'यह गलत है। भारत के ऊपर स्टारलिंक सैटेलाइन बीम ऑफ किए गए हैं और यह पहले कभी थे भी नहीं।'
सुरक्षा एजेंसियों ने हथियारों के साथ जब्त किए 'स्टारलिंक' के उपकरण
फिलहाल सुरक्षा बलों ने जो भी संदिग्ध उपकरण बरामद किए हैं, उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफर्मोशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय को सौंप दी गई है। भारतीय सेना ने कहा है कि 16 दिसंबर को उसने पहाड़ और घाटी दोनों इलाकों में राज्य पुलिस के साथ मिलकर चुराचांदपुर,चंदेल,इम्फाल पूर्व और कागपोकपी जिलों में संयुक्त अभियान चलाया था।
Starlink:'स्टारलिंक' के उपकरणों पर लिखा है मणिपुर के उग्रवादी संगठन का नाम
इस दौरान स्नाइपर,ऑटोमेटिक वेपन,राइफल,पिस्तौल,देशी मोर्टार,सिंगल बैरल राइफल,ग्रेनेड,गोला-बारूद और युद्ध संबंधी 29 सामान बरामद किए हैं। जब्त किए गए उपकरण पर स्टारलिंक के लेबल भी लगे मिले हैं। इनपर आरपीएफ/पीएलए भी लिखा हुआ था।
मामला इसलिए गंभीर हो जाता है कि मणिपुर में पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (PLA) एक उग्रवादी संगठन है, जो कि घाटी में सक्रिय है। रिवॉल्युशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) इसका राजनीतिक संगठन है।
मणिपुर सीएम ने जातीय संघर्ष में गहरी साजिश का जताया है संदेह
Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा के नाम पर चल रहा है उगाही का खेल?
द प्रिंट ने हाल ही में एक रिपोर्ट दी है, जिसके अनुसार यूनाइटेड नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (UNLF)से जुड़ी जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूएनएलएफ की ओर से जारी कुछ खत बरामद किए गए हैं, जिसमें 'भारतीय औपनिवेशिक शासन के खिलाफ मणिपुर में चल रहे मुक्ति संघर्ष'के नाम पर करोड़ों रुपए की उगाही का खेल चलने का खुलासा हुई है।
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एसआईटी जांच में हो रही है देर
लेकिन, दिक्कत ये है कि इतना सबकुछ होते हुए भी वहां हो रही वारदातों की जांच बहुत धीमी है। द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने जो भिन्न एसआईटी गठित किए हैं, उन्होंने महीनों बाद भी मुश्किल से 6% मामलों में ही चार्जशीट दर्ज किए हैं। जबकि, कुछ दिन पहले तक वहां, हत्या,रेप, महिलाओं के खिलाफ अपराध, लूट से जुड़ी जातीय हिंसा के 3 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। सर्वोच्च अदालत ने इनके लिए 42 एसआईटी बना रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार अबतक सिर्फ 192 केस में ही चार्जशीट दर्ज हुई है।












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