Manipur: मैतेई और कुकी के बीच बातचीत की अच्छी शुरुआत, फिर 'परिसीमन' की चर्चा ने क्यों बढ़ाई चिंता?
Manipur: मणिपुर की अशांत धरती पर शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्र सरकार ने नई दिल्ली में मैतेई और कुकी समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता की पहल करवाई है। जहां इस वार्ता को एक उम्मीद की किरण माना जा रहा है, वहीं 'परिसीमन' यानी विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की पुरानी बहस ने इस संभावित पहल पर आशंका के बादल लाद दिए हैं।
केंद्र की पहल पर शुरू हुई चर्चा में मैतेई समुदाय की ओर से ऑल मणिपुर यूनाइटेड क्लब्स ऑर्गेनाइजेशन (All-Manipur United Clubs' Organisation-AMUCO) और फेडरेशन ऑफ सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेन (Federation of Civil Society Organisations-FOCS) के प्रतिनिधियों ने बातचीत में हिस्सा लिया, वहीं कुकी समुदाय की ओर से सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। केंद्र की ओर से खुफिया ब्यूरो के पूर्व विशेष निदेशक एके मिश्रा समेत अन्य वार्ताकार शामिल हुए।

हालांकि, मैतेई समुदाय की एक प्रमुख संस्था कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी (Coordinating Committee on Manipur Integrity -COCOMI) ने इस वार्ता को 'नाटक' बताते हुए खारिज कर दिया। COCOMI का आरोप है कि केंद्र सरकार इस संकट को केवल जातीय संघर्ष के रूप में देख रही है, जबकि इसके पीछे गहरे राजनीतिक और संरचनात्मक कारण हैं।
Manipur: 'परिसीमन' ने क्यों बढ़ाई बेचैनी?
मैतेई और कुकी के बीच बातचीत की इस पहल के बीच 'परिसीमन' यानी सीटों के नए सिरे से निर्धारण की चर्चा ने मणिपुर में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया। मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया था कि वह मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में लंबित परिसीमन को लेकर तीन महीने में जवाब दे।
मीडिया रिपोर्टों में इसे एक तरह से परिसीमन को तीन महीने में पूरा करने के निर्देश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मैतेई बहुल क्षेत्रों में चिंता और उबाल दोनों बढ़े हुए हैं।
Manipur delimitation issue: जनसंख्या आंकड़ों पर विवाद और पुराने घाव
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक मणिपुर में आखिरी बार परिसीमन 1976 में हुआ था, जो 1971 की जनगणना पर आधारित था। 2001 की जनगणना के बाद जब 2008 में देशभर में परिसीमन हुआ, तब मणिपुर को इससे अलग रखा गया था। कारण था-2001 के आंकड़ों में पहाड़ी जिलों की आबादी में असामान्य वृद्धि।
कई सब-डिवीजनों में जनसंख्या वृद्धि दर 100% से भी ज्यादा दर्ज की गई। जैसे कि पुरुल में 169%, माओ मराम में 143%, और चाकपिकारोंग में 118%। इसे लेकर मैतेई बहुल घाटी में आशंका थी कि अगर 2001 के आंकड़ों पर आधारित परिसीमन हुआ, तो घाटी के हिस्से की सीटें घट सकती हैं और हिल क्षेत्रों को फायदा होगा।
Manipur News: पहले NRC फिर परिसीमन जैसी उठने लगी मांग
अब जबकि परिसीमन की बहस फिर से शुरू हुई है, कई बीजेपी नेताओं ने इसे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से जोड़ दिया है। राज्यसभा सांसद लेइशेम्बा सनाजाओबा ने NRC की मांग उठाते हुए कहा कि म्यांमार से अवैध प्रवास ने जनसंख्या असंतुलन पैदा किया है। उन्होंने मांग की कि पहले NRC लागू किया जाए, फिर परिसीमन हो।
भाजपा विधायक आरके इमो ने भी गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर घाटी की 40 विधानसभा सीटों को 'स्थानीय लोगों' के लिए आरक्षित करने की मांग की।
Manipur Political News: कुकी और नागा नेताओं का मत
जहां मैतेई नेताओं का बड़ा वर्ग मौजूदा परिस्थितियों में परिसीमन पर घाटी क्षेत्रों की सीटें घटने को लेकर आशंकित है, वहीं कुकी-जोमी नेताओं और नागा पीपल्स फ्रंट जैसे सहयोगी दलों का मत है कि परिसीमन आवश्यक है और उसे रोका नहीं जाना चाहिए।
भाजपा के ही कुकी विधायक पाओलिएनलाल हाओकिप ने कहा कि मैतेई समुदाय का विरोध 'शक्ति और संसाधनों को साझा करने से इनकार' की मानसिकता दिखाती है, जो हिल एरिया के लिए अलग प्रशासन की मांग को उचित ठहराता है।
Manipur Politics: क्या रास्ता है आगे का?
मणिपुर में भरोसे की बहाली और शांति की स्थापना के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और पारदर्शी संवाद की जरूरत है। परिसीमन की प्रक्रिया को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना होगा, ताकि दोनों समुदायों को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिले।
जब तक इस प्रक्रिया में सभी पक्षों को विश्वास में नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी कदम-चाहे वह शांति वार्ता हो या परिसीमन-एक पक्ष के लिए 'उम्मीद', तो दूसरे के लिए 'आशंका' ही बना रह सकता है। या फिर दोनों ही पक्षों के साथ एक सामान्य स्थिति बनी रह सकती है।
-
Nitish Kumar निर्विरोध JDU के अध्यक्ष चुने गए, फिर मिली पार्टी की कमान, कब मिला था पहली बार ये पद? -
TN Election 2026: कमल हासन की पार्टी चुनावी मैदान से बाहर, विधानसभा चुनाव में किसके साथ खड़ी है MNM? -
धामी सरकार के 4 साल: सीएम ने गिनाईं उपलब्धियां, 3.76 लाख करोड़ निवेश, 30 हजार नौकरी, देहरादून का होगा कायाकल्प -
धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने बधाई संदेश में कही बड़ी बातें, जानिए क्या -
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका












Click it and Unblock the Notifications