Manipur: कुकी-जो काउंसिल ने अनिश्चितकालीन बंद तो खत्म किया, लेकिन फ्री मूवमेंट पर रख दी बड़ी शर्त
Manipur: मणिपुर में कुकी-जो काउंसिल ने गुरुवार को पहाड़ी क्षेत्रों में लगाए गए अनिश्चितकालीन बंद को समाप्त करने की घोषणा कर दी है। यह बंद 9 मार्च की मध्यरात्रि से लागू था। हालांकि, काउंसिल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से घोषित 'फ्री मूवमेंट' नीति का कड़ा विरोध जारी रखने का एलान किया है।
काउंसिल की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'बंद को गुरुवार शाम से हटा लिया गया है, लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा घोषित फ्री मूवमेंट को कुकी-जो समुदाय पूरी मजबूती के साथ खारिज करता है, क्योंकि यह न्याय प्रक्रिया को कमजोर और प्रभावित करता है।'

Manipur Free Movemnet: केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी हुए थे फ्री मूवमेंट सुनिश्चित करने के निर्देश
बता दें कि 1 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए थे कि वे मणिपुर में सभी मार्गों पर लोगों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
Manipur: 9 मार्च को झड़प के बाद शुरू हुआ था अनिश्चितकालीन बंद
कुकी-जो क्षेत्रों में यह अनिश्चितकालीन बंद तब शुरू हुआ था, जब 9 मार्च को कांगपोकपी जिले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह झड़प उस समय हुई जब प्रदर्शनकारी इंफाल से गुजरने वाली एक बस को अपने क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
Manipur News Today:अलग राजनीतिक प्रशासन की मांग पर अड़े
काउंसिल ने एक बार फिर अपनी अलग राजनीतिक प्रशासन की मांग को दोहराया और जोर देकर कहा कि यह न्याय, शांति और समुदाय की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इसके साथ ही, काउंसिल ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे उनकी वैध मांगों को स्वीकार करें और कुकी-जो समुदाय के लिए न्याय और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कार्य करें।
Manipur News: मृतक का कर दिया गया अंतिम संस्कार
इसके अलावा, काउंसिल ने यह भी जानकारी दी कि 8 मार्च को कांगपोकपी जिले के गमघीफाई में कुकी प्रदर्शनकारियों के विरोध के दौरान मारे गए लालगौथांग सिंगसिट के पार्थिव शरीर को फाइजांग स्थित कुकी-जो कब्रगाह में दफनाया गया।
कुकी-जो काउंसिल का यह निर्णय मणिपुर की मौजूदा संवेदनशील स्थिति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। एक ओर जहां बंद समाप्त होने से आम जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं फ्री मूवमेंट का विरोध जारी रहने से राज्य में तनावपूर्ण स्थिति बनी रह सकती है। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications