'पाकिस्तान को बचा ले गई सरकार की कूटनीति', मणि शंकर अय्यर का शशि थरूर पर वार, 33 देशों के दौरे को बताया बेअसर
Mani Shankar Aiyar: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के लिए एक बड़ी कूटनीतिक मुहिम शुरू की थी। इसके तहत 33 देशों में सांसदों को भेजा गया ताकि दुनिया के सामने पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति को रखा जा सके। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर का कहना है कि यह पूरा प्रयास बेअसर रहा और किसी भी देश ने पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया।
अय्यर ने इस मुद्दे पर खासतौर पर पार्टी सांसद शशि थरूर पर निशाना साधा, जिन्हें केंद्र सरकार ने अमेरिका के दौरे के लिए चुना था, जबकि कांग्रेस ने उनके नाम की सिफारिश नहीं की थी। कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के लिए कई सांसदों को विदेश भेजा, लेकिन इस पहल से कोई ठोस नतीजा नहीं मिला।

33 देशों में गए भारतीय सांसद
अय्यर ने दावा किया कि भारत ने कुल 33 देशों में अपने सांसदों को भेजा ताकि पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर किया जा सके। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक दौरे के बावजूद किसी भी देश ने पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
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शशि थरूर को लेकर सीधा निशाना
अय्यर ने खासतौर पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम लेते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें अमेरिकी दौरे के लिए चुना, जबकि कांग्रेस पार्टी ने उनके नाम की सिफारिश नहीं की थी। अय्यर का कहना है कि अगर इन दौरों का कोई वास्तविक असर नहीं दिखा, तो फिर इस पूरी कवायद का मकसद सिर्फ दिखावा रह जाता है।
सरकार की विदेश नीति पर सवाल
अय्यर ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल राजनीतिक संदेश देने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि जब तक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को लेकर स्पष्ट और कड़े रुख नहीं अपनाए जाते, तब तक ऐसे दौरों से कोई खास नतीजा नहीं निकलेगा।
सियासी हलकों में गरमाहट
अय्यर के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। कांग्रेस के कई नेता अय्यर के बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि भाजपा इसे पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए सरकार के लगातार प्रयासों को नजरअंदाज करने वाला बयान बता रही है। वहीं, शशि थरूर ने इस मामले पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उन्होंने पहले ही कहा था कि भारत की विदेश नीति को लेकर सामूहिक दृष्टिकोण जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर पर सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अय्यर का यह बयान सरकार के उन प्रयासों पर सवाल खड़ा करता है, जिनका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को आतंकवाद का जिम्मेदार ठहराना था। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा ठोस कूटनीतिक कदमों की जरूरत है।
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