Karnataka: 'अगर कर्नाटक में कांग्रेस हारती है तो दोष लेने को तैयार', चुनाव से पहले खड़गे का बड़ा बयान
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है लेकिन इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान ने सियासत गरम कर दी है।

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने में अब पांच दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार-प्रसार तेज कर दी है। नेताओं के बीच जुबानी जंग भी जारी है। लेकिन इस बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सियासत गरमा दी है। दरअल, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि यदि कांग्रेस कर्नाटक चुनाव हारती है तो वह इसका दोष लेने के लिए तैयार हैं।
हमें जीत की पूरी उम्मीद: खड़गे
बता दें कि कांग्रेस कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है क्योंकि वह 2014 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद से अपने फिसलते चुनावी प्रदर्शन में सुधार के लिए तरस रही है। लेकिन इस बार, मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत होगा और हम एक स्थिर सरकार बनाएंगे। मल्लिकार्जुन खड़गे, जिन्हें हाल ही में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जहरीले सांप से करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था, ने कहा कि कांग्रेस भाजपा को हराने के लिए प्रतिबद्ध है।
चुनाव जीतने के लिए इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता होनी चाहिए: खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मैं रोज चार मीटिंग करता हूं। कभी-कभी मुझे शाम की सभा में भाग लेने के लिए 100 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। हमने भाजपा को हराने का संकल्प लिया है, इसलिए हमें सब कुछ सहना होगा। कर्नाटक में 10 मई को मतदान और 13 मई को नतीजे आएंगे।
कर्नाटक में चुनाव कब?
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 10 मई को वोटिंग करवाई जाएगी। इसके बाद 13 मई को वोटों की गिनती होगी। कर्नाटक में 58282 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में लग रहा था कि चुनाव दो चरणों में होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चुनाव आयोग ने सभी सीटों पर एक साथ मतदान करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। साथ ही सुरक्षा इंतजाम भी किए जा रहे। चुनाव आयोग ने साफ किया कि उनकी कोशिश रहेगी कि शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हों। इसके लिए जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं।
क्या था कर्नाटक का पिछला रिजल्ट?
कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटें हैं। साल 2018 के परिणाम में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। हालांकि बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद कांग्रेस ने 80 और जेडीएस ने 37 सीटों पर कब्जा जमाया। शुरुआत में बीजेपी ने सरकार बनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन ने बाजी मारी। इस गठबंधन में एचडी कुमारस्वामी को सीएम की कुर्सी मिली।












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