'देश में बोलने की आजादी नहीं', मल्लिकार्जुन खड़गे का दावा- संसद में उनके भाषण के कुछ पार्ट निकाले गए
इससे पहले राहुल गांधी अडानी ग्रुप प्रकरण पर संसद में बोल रहे थे। इस बीच राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। बाद में उनके भाषण के कुछ अंश को लोकसभा से हटा दिया गया था।

Mallikarjun Kharge: संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण के कुछ भाग को लोकसभा से हटा दिया गया। इसको लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसको लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा था। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया है कि संसद में उनके भाषण के भी कुछ पार्ट को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में बोलने की आजादी नहीं है।
बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी अडानी ग्रुप प्रकरण पर संसद में बोल रहे थे। इस बीच राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। बाद में उनके भाषण के कुछ अंश को लोकसभा से हटा दिया गया था। इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के भाषण के मामले में पत्र लिखा था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार यानि 7 फरवरी, 2023 को लोकसभा में गौतम अडानी के मुद्दे पर जो भाषणा दिया था, उसके कुछ अंश लोकसभा स्पीकर के आदेश से संसद के रिकॉर्ड से बाहर कर दिए गए हैं।
क्या कहता है नियम
संसद में कही गई बातों से कुछ शब्द, वाक्य, अंश, भाव या अभिव्यक्ति को हटाना सामान्य तौर पर संसदीय नियमों की एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी भी सदस्य के भाषण के किसी भी हिस्से को हटाने का फैसला पूरी तरह से सदन के पीठासीन अधिकारी या आसन के अधिकार क्षेत्र में आता है। लेकिन, यह सब संसदीय नियमों के तहत होता है।
संविधान के अनुच्छेद 105(2) के तहत, 'संसद का कोई भी सदस्य किसी प्रक्रिया के दौरान संसद या उसकी किसी भी समिति में कही गई बातों के लिए अदालत में किसी भी कार्यवाही के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।' लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि कोई सदस्य जो मर्जी आए सदन में कुछ भी कहकर या अभिव्यक्ति जताकर चला जाए। इसके लिए भी नियम बनाए गए हैं।
यह भी पढ़ें- 'मोदी-अडानी भाई-भाई' नारों के बीच PM मोदी का खड़गे पर निशाना, भाषण सुनने के लिए परेशान दिखे कांग्रेस अध्यक्ष












Click it and Unblock the Notifications