Mahatma Gandhi Death Anniversary: 'सत्य ही ईश्वर है', PM मोदी ने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी
Mahatma Gandhi Death Anniversary: महात्मा गांधी, जिन्हें हम प्यार से 'बापू' कहते हैं, का जीवन अहिंसा, सत्य और मानवता की प्रेरणादायक गाथा है। महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है बल्कि गांधी एक विचार और साधना का नाम है, जो कि हर भारतीय के जेहन में जीवित हैं।
30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। आज, उनकी 77वीं पुण्यतिथि पर, पूरा भारत उनके विचारों, सिद्धांतों और योगदान को याद कर रहा है।

महात्मा गांधी एक भरोसे का नाम है, जो ये सिखाते हैं कि अगर आप सत्य के मार्ग पर चलते हैं और खुद पर विश्वास रखते हैं तो हर मुश्किल आसान होती है। इंसान अपनी आधी लड़ाई तब ही जीत जाता है, जब वो खुद पर भरोसा करता है।
अहिंसा और सत्याग्रह का रास्ता बताया (Mahatma Gandhi Death Anniversary)
मालूम हो कि महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था और उनका जन्म अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई इंग्लैंड में की और दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए नस्लभेद के खिलाफ संघर्ष किया। भारत लौटकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और अहिंसा और सत्याग्रह के जरिए अंग्रजों को भारत छोड़कर जाने को विवश कर दिया।
'विचार और सिंद्धात हर किसी के मन में हमेशा जीवित रहेंगे'
भले ही आज सशरीर हमारे बीच में उपस्थित नहीं हैं लेकिन उनके विचार और सिंद्धात हर किसी के मन में हमेशा जीवित रहेंगे,अगर उनके बताए रास्ते पर इंसान चले तो वो कभी भी असफल नहीं हो सकता है।
महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत (Mahatma Gandhi Death Anniversary)
- अहिंसा (Non-violence) - किसी भी समस्या का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति और प्रेम से करना।
- सत्य (Truth) - जीवन में हमेशा सत्य का पालन करना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना।
- स्वदेशी आंदोलन - आत्मनिर्भरता पर बल देना और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार।
- सर्वधर्म समभाव - सभी धर्मों को समान मानना और धार्मिक सौहार्द बनाए रखना।
30 जनवरी 1948 को जब वो नई दिल्ली के बिड़ला भवन में संध्या प्रार्थना के लिए जा रहे थे, तब नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मार दी थी।
PM ने बापू को राजघाट जाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की (Mahatma Gandhi Death Anniversary)
पीएम मोदी ने भी बापू को राजघाट जाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उससे पहले उन्होंने एक्स पर लिखा था कि 'पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें एक विकसित भारत बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। मैं हमारे देश के लिए शहीद हुए सभी लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी सेवा और बलिदान को याद करता हूं।
महात्मा गांधी के प्रसिद्ध नारे जो आज भी लोगों के दिलों में जोश भर देते हैं...
- करो या मरो : यह नारा महात्मा गांधी ने 8 अगस्त 1942 को 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान दिया था। जिसका मकसद भारतीयों से ये कहना था कि वो आजादी के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ते रहें।
- अहिंसा परमो धर्मः: महात्मा गांधी ने हमेशा अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म माना। उनका मानना था कि बिना हिंसा के भी किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
- सत्य ही ईश्वर है: महात्मा गांधी ने सत्य को ईश्वर का स्वरूप माना और पूरी दुनिया को सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
- स्वदेशी अपनाओ: महात्मा गांधी ने आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और इसलिए उन्होंने देशी अपनाओं और विदेश भगाओ पर जोर दिया था।












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