पाकिस्तान के कराची-लाहौर में हर-हर महादेव
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची के रत्नेशवर मंदर में महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार को धूमधाम से मना। पाकिस्तान के डान अखबार के अनुसार, क्लिफ्टन इलाके में शिव मंदिर में बड़ी तादाद में हिन्दू सुबह से ही पूजा करने के लिए आते रहे।
इस बीच, पाकिस्तान में शिवरात्रि की गूंज कई जगहों पर सुनाई दी। पंजाब प्रांत के चकवाल क्षेत्र में ऐतिहासिक शिव मंदिर में भी शिवरात्रि मनी। इस मंदिर को कटासराज भी कहते हैं।
पुरातन मंदिर
हिंदू सुधार सभा के अध्यक्ष अमरनाथ रंधावा कहते हैं, "हमारी बड़ी ख़ुशकिस्मती है कि इस मंदिर का फिर से निर्माण हो गया। यह जानकर बेहद ख़ुशी होती है कि अब हम यहां आकर पूजा कर सकते हैं।
बता दें कि देश के बंटवारे के समय से ही चकवाल में स्थित कटासराज मंदिर बंद पड़ा था। कुछ साल पहले इस मंदिर में आरती की गूंज सुनाई दी थी। कटासराज मंदिर क्षेत्र में एक बौद्ध स्तूप भी है।
पर्यटन केन्द्र
दरअसल पाकिस्तान सरकार मंदिर की पुनर्स्थापना कर इससे दो मक़सद हल करना चाहती है। पहला तो वह एक ऐसी पुरातात्विक धरोहर को पुनर्स्थापित कर रही है जो पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन सकती है।
कटासराज में पूजा
इस बीच, कटास राज मंदिर में होने वाले शिवरात्रि के त्योहार के लिए भारत से 21 हिंदू तीर्थयात्रियों का एक जत्था पाकिस्तान पहुंच गया।वाघा सीमा से पाकिस्तान में प्रवेश करने पर तीर्थयात्रियों की पाकिस्तान सिख गुरूद्वारा प्रबंधक समिति और एवेक्यु ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड के अधिकारियों ने अगवानी की।
बोर्ड के एख अफसर ने कहा कि बोर्ड 100 से अधिक हिंदुओं के पहुंचने की उम्मीद कर रहा था इसी के मुताबिक बंदोबस्त किया लेकिन सिर्फ 21 तीर्थयात्री ही पहुंचे।













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