महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान पर संजय राउत बोले, 'अब हारना और डरना मना है'
मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जहां एक तरफ, राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। वहीं, कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की अपने-अपने नेताओं के साथ बैठकों का दौर सिलसिला जारी है। इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने एक और ट्वीट किया है और कहा है कि हारना और डरना मना है।
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संजय राउत ने किया एक और ट्वीट
संजय राउत ने ट्वीट किया, 'हार तब होती है जब मान लिया जाता है। जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है।' राउत ने इस पोस्ट को कैप्शन दिया है- अब हारना और डरना मना है। विधानसभा चुनाव के बाद से शिवसेना लगातार बीजेपी पर हमला करती रही है। नतीजे आने के बाद पार्टी ने बीजेपी के सामने 50-50 की शर्त रखी थी। शिवेसेना की मांग थी कि राज्य में ढाई-ढाई साल का सीएम हो, जिसके बीजेपी ने मानने से इनकार कर दिया था।
'अब हारना और डरना मना है'
इसके बाद दोनों दलों में सरकार बनाने को लेकर समझौता नहीं हो सका। अब राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन के बीच शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस सरकार बनाने की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन करीब तीन हफ्ते गुजर जाने के बाद भी अभी तक महाराष्ट्र में सरकार नहीं बन पाई है। इसको लेकर कांग्रेस ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय करने के लिए एक कमेटी बनाई है जो एनसीपी से बात कर रही है। इन सबके बीच, शिवसेना द्वारा लगाए गए आरोपों पर पहली बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का बयान आया।

अमित शाह ने शिवसेना के आरोपों को खारिज किया
अमित शाह ने शिवसेना द्वारा लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, 'चुनाव के पहले पीएम और मैंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर हमारा गठबंधन जीता तो देवेंद्र फडणवीस सीएम होंगे। तब किसी को आपत्ति नहीं हुई। अब वह एक नई मांग को लेकर आ गए हैं, जो हमें स्वीकार नहीं है।' राष्ट्रपति शासन को लेकर उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी भी राज्य में सरकार बनाने के लिए 18 दिन जितना समय नहीं दिया था। राज्यपाल ने विधानसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद ही पार्टियों को आमंत्रित किया।












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