Maharashtra Government formation: भाजपा का दावा हमारे पास 54 एनसीपी विधायक और 11 निर्दलीयों का समर्थन
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बड़ी उठापटक के बीच देवेंद्र फडणवीस ने अजीत पवार के साथ मिलकर नई सरकार का गठन कर लिया। अजीत पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद एनसीपी के भीतर ही फूट पड़ती नजर आ रही है। खुद पार्टी के मुखिया शरद पवार ने कहा कि एनसीपी का इस सरकार को समर्थन नहीं है, अजीत पवार का यह निजी फैसला है। यहां तक सुप्रिया सुले ने कहा पार्टी और परिवार में फूट तक की बात कही है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह नंबर कहां से साबित करेगी।

क्या है गणित
भाजपा ने शुक्रवार देर रात महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा पेश किया और सुबह होते ही देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भाजपा ने महाराष्ट्र में खुद की 105 सीटों के साथ एनसीपी की 54 सीटें, 11 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया है। भाजपा ने दावा किया है कि उसके पास 170 विधायकों का समर्थन है यानि पूर्ण बहुमत के आंकड़े से 25 विधायक ज्यादा। बता दें कि महाराष्ट्र में पूर्ण बहुमत के लिए कुल 288 सीटों में से 145 सीटों की जरूरत है। भाजपा को 30 नवंबर तक सदन नके भीतर अपना बहुमत साबित करने का समय दिया गया है।
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शरद पवार का बड़ा बयान
एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने कहा कि उनके भतीजे अजीत पवार का यह अपना व्यक्तिगत फैसला है, उनकी पार्टी ने भाजपा को समर्थन नहीं दिया है। इससे पहले 30 अक्टूबर को अजीत पवार ने पार्टी के चुने हुए विधायकों ने अपना नेता चुना था। भाजपा का दावा है कि उनके पास विधायकों के समर्थन का पत्र था। वह अपनी पार्टी के विधायकों को व्हिप जारी करके भाजाप को समर्थन करने के लिए कह सकते हैं।

एक्शन में तमाम नेता
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि हमने राज्यपाल को सभी 54 एनसीपी विधायकों के समर्थन का पत्र दिया है, साथ ही 11 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का भी पत्र दिया है। अगर एनसीपी में टूट होती है तो भी हमे भरोसा है कि हमे 30 विधायकों का समर्थन है। बदलते माहौल में हम निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ अफना बहुमत साबित कर देंगे। वहीं इन सब के बीच शरद पवार ने एनसीपी के विधायकों की आज दोपहर बैठक बुलाई है। जो विधायक मुंबई में नहीं हैं उन्हें 4.30 बजे तक पहुंचने का समय दिया गया है।












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