महाराष्ट्र: कांग्रेस नेता बोले- भाजपा ने कल ही हमारे दो विधायकों को 25 करोड़ का ऑफर दिया
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस ने भाजपा पर होर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता नितिन राउत ने कहा, भाजपा लगातार कांग्रेस विधायकों को पैसे का लालच देकर तोड़ने की कोशिश कर रही है। कल ही हमारे दो विधायकों को भाजपा ने 25 करोड़ का ऑफर किया है, इससे पहले भी ये कोशिश की जा चुकी है। जिस तरह से भाजपा ने पैसे और बाहुबल की ताकत का कर्नाटक में इस्तेमाल किया, वही तरीका महाराष्ट्र में अपनाया जा रहा है। हम अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि होर्स ट्रेंडिंग को रोका जाए।

किसी रिजॉर्ट में नहीं लेकर जाएंगे विधायकों को: कांग्रेस
नितिन राउत ने भाजपा पर पार्टी विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है लेकिन कांग्रेस विधायकों को किसी रिजॉर्ट या होटल में ले जाने की चर्चाओं को महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वादेत्तिवार ने नकार दिया है। विजय वादेत्तिवार ने कहा है कि हम अपने विधायकों को कहीं नहीं लेकर जा रहे, सब अपने घरों में हैं। अगर कोई विधायक कहीं जा रहा है तो ये वो निजी स्तर पर जा रहा है ना कि पार्टी का ऐसा कोई आदेश है।

कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट: हुसैन दलवई
वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने पार्टी के सभी विधायकों के एकजुट होने की बात कही है। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी का एक भी विधायक कहीं नहीं जाएगा। जो आलाकमान का आदेश होगा, उसे सब मानेंगे। हम भाजपा को सरकार नहीं बनाने देंगे। हमारा गठबंधन का साथी एनसीपी भी हमारे साथ है, हमें महाराष्ट्र को बचाने के लिए जनता ने वोट दिया है और हम वो काम करेंगे।

महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने को लेकर दांवपेंच
महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और कांग्रेस तीनों ही दल सीधे या गैरजाहिरा तौर पर ये आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। शिवसेना ने तो अपने विधायकों को फाइव स्टार होटल रंगशारदा में शिफ्ट कर दिया गया है। महाराष्ट्र में किसी एक दल को बहुमत ना मिलने के बाद सरकार बनाने को लेकर लगातार खींचतान देखने को मिल रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को आए हैं। बीजेपी के 105 और शिवसेना के 56 विधायक जीते हैं। कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीटों पर जीत मिली है। बहुमत के लिए यहां 145 सीटों की जरूरत है, ऐसे में साफ है कि कोई एक पार्टी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। भाजपा-शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा है और दोनों दलों की सीटें भी बहुमत के आंकड़े से ज्यादा हैं लेकिन नतीजे आने के बाद से ही शिवसेना ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर अड़ी हुई है, वहीं भाजपा इस पर तैयार नहीं है। इसी को लेकर नई सरकार का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।












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