Mahakumbh 2025: कश्मीरी पंडितों से जुड़े एक्टिविस्ट ने बढ़ाई सरकार की टेंशन,PoK के लिए मांग लिया यह अधिकार
Mahakumbh 2025 Prayagraj News: अखिल भारतीय कश्मीरी समाज के अध्यक्ष रवींद्र पंडित ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) स्थित प्राचीन हिन्दू मंदिर शारदा पीठ में पूजा-अर्चना के अधिकार हासिल करने को लेकर उदासीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने यूपी के प्रयागराज के दारागंज स्थित श्रृंगेरी मठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बातें कही हैं।
रवींद्र पंडित ने कहा,'भारत-पाकिस्तान संधि के तहत फिलहाल केवल उन्हीं कश्मीरी लोगों को शारदा पीठ जाने की अनुमति है, जिनके रिश्तेदार वहां रहते हैं। लेकिन, क्योंकि किसी भी कश्मीरी हिंदू के वहां रिश्तेदार नहीं हैं,इसलिए वे वहां नहीं जा सकते।' उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।

Mahakumbh 2025: शारदा पीठ में अतिक्रमण शुरू होने का दावा
उन्होंने बताया कि पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाकुंभ में श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विदुशेखर भारती जी से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे पर काम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। पंडित ने आरोप लगाया कि शारदा पीठ,जो नियंत्रण रेखा (LoC) से मात्र 10 किलोमीटर दूर है, पर अब अतिक्रमण होने लगा है।
Mahakumbh 2025: नियंत्रण रेखा पार करके शारदा पीठ जाने की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है तो वे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का दरवाजा खटखटाने या नियंत्रण रेखा (LoC) पार करने को मजबूर होंगे।
रवींद्र पंडित ने दावा किया कि उन्होंने शारदा पीठ जाने के लिए दो बार एलओसी परमिट के लिए आवेदन किया था,लेकिन दोनों बार भारत-पाक संधि का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने आवेदन खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शारदा पीठ हिंदुओं के लिए अत्यंत पवित्र स्थान है और वहां पूजा-अर्चना का अधिकार सभी को मिलना चाहिए।
Mahakumbh 2025: कश्मीर घाटी में मंदिरों की सुरक्षा के लिए मंदिर बोर्ड के गठन की भी मांग
प्रेस कांफ्रेंस में पंडित ने केंद्र सरकार से कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए भी ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में स्थित मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक मंदिर बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, 'हमें अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा करनी होगी,क्योंकि ये हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक हैं।'
शारदा पीठ,जिसे हिंदू धर्म में विद्या की देवी मां शारदा का निवास माना जाता है,ऐतिहासिक रूप से ज्ञान और शिक्षा का केंद्र रहा है। कश्मीरी पंडितों के लिए यह स्थान विशेष महत्त्व रखता है। रवींद्र पंडित की इस मांग ने एक बार फिर सरकार के लिए कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को प्राथमिकता देने का दबाव बढ़ा दिया है। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications