Lumpy Skin Disease:महाराष्ट्र में पशुओं की आवाजाही पर जारी रहेगा प्रतिबंध, युद्ध स्तर पर चल रहा टीकाकरण अभियान
महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने गुरुवार को लंपी बीमारी को लेकर राज्य में पशुओं की आवाजाही पर प्रतिबंध को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि पशुओं की आवाजाही पर एक महीने तक प्रतिबंध और रहेगा।
Lumpy Skin Disease cattle movement Restrictions: महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने गुरुवार को लंपी बीमारी को लेकर राज्य में पशुओं की आवाजाही पर प्रतिबंध को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि पशुओं की आवाजाही पर एक महीने तक प्रतिबंध और रहेगा। वहीं, वायरल संक्रमण के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई और तेजी से टीकाकरण ने राज्य में मौतों के आंकड़ों पर ब्रेक लगाया है। अभी तक 2100 पशुओं की मौत हुई है।

विखे पाटिल ने कहा कि हमने कम से कम एक महीने के लिए घरेलू पशुओं और मवेशियों के परिवहन पर प्रतिबंध जारी रखने का फैसला किया है। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जो अतिरिक्त शीशियां खरीदी थीं, वे पहले ही समाप्त हो चुकी हैं। टीकाकरण की वजह से सिर्फ 2100 पशुओं की मौत हुई है। अगर हमने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती, तो 20000 से अधिक मवेशियों की मौत हो सकती थी।
जानें क्या है लंपी रोग
महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर की शुरुआत में मवेशियों की आवाजाही और पशु मेलों आदि पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। राज्य में लंपी बीमारी का पहला मामला 4 अगस्त को जलगांव जिले के रावेर तालुका के चिनावाल गांव से सामने आया था। लंपी वायरस से मवेशियों के त्वचा पर गांठ जैसे हो जाता है। इससे पशुओं को तेज बुखार होता है। इससे पशुओं की मौत भी हो जाती है। एक पशु से दूसरे पशु में संक्रमण फैलता भी है।
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