जिसकी हत्या के आरोप में 14 साल के कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे तीन पुलिसकर्मी, वह युवक मिला जिंदा
चंडीगढ़। पंजाब के लुधियाना में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक के परिवार ने तीन पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया था और आरोपी पुलिसकर्मी सालों से इस मामले में कोर्ट का चक्कर लगा रहे थे। ये मामला 2005 का बताया जा रहा है। 14 साल पुराने इस मामले में अब नया मोड़ आया है। जिस युवक की हत्या के मामले में तीनों पुलिसकर्मी आरोपी थे, वह शख्स जीवित मिला है।

हत्या के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज था केस
युवक की हत्या के इस मामले में 14 साल से रिटायर्ड डीएसपी अमरजीत सिंह खैहरा, एएसआई जसवंत सिंह और एएसआई काबल सिंह मुकदमे का सामना कर रहे हैं। पुलिस के सीआईए स्टाफ ने जिंदा मिले इस युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस युवक के जीवित वापस लौटने से आरोपी तीनों पुलिसकर्मियों को राहत मिलती दिखाई दे रही है। युवक के परिवारवालों ने तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।

पुलिस हिरासत से भाग निकला था युवक
इस मामले में आरोपी रिटायर्ड डीएसपी अमरजीत सिंह ने बताया कि साल 2005 में वह थाना डेहलौं के प्रभारी के तौर पर तैनात थे, उस वक्त 25 अगस्त को उन्होंने एएसआई जसवंत सिंह और एएसआई काबल सिंह के अलावा कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गांव रंगीयां के हरदीप सिंह पुत्र नगिंदर सिंह को 70 किलो भुक्की के साथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस जब उसे पूछताछ के लिए ला रही थी तो वह किला रायपुर सूए के पास चकमा देकर फरार हो गया था।

14 सालों के बाद जिंदा मिला शख्स
उन्होंने बताया कि इसके बाद इसके बाद नगिंदर सिंह ने बेटे हरदीप को पुलिस हिरासत में अवैध तरीके पर रखे जाने के शक में 28 अगस्त 2005 को वारंट अफसर से रेड करवाई, लेकिन वह नहीं मिला। उस समय वारंट अफसर को बताया गया कि हरदीप के खिलाफ भुक्की बरामदगी और पुलिस को चकमा देकर भगाने के आरोप में केस दर्ज हैं। इसके बाद 17 सितंबर, 2005 को गांव दाया कलां के छप्पड़ से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। हरदीप सिंह के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी कि जो शव बरामद हुआ था, वह हरदीप का था। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।












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