Lok Sabha Election: महाराष्ट्र में चुनाव से पहले क्यों बिखर गई MVA? सेना UBT, कांग्रेस में सिर फुटौव्वल
Maharashtra Lok Sabha Election 2024: महाराष्ट्र में विपक्षी दलों की महा विकास अघाड़ी (MVA) की गाड़ी चुनाव की शुरुआत से पहले ही बेपटरी होने लगी है। शिवसेना यूबीटी ने एकतरफा 17 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। तो कांग्रेस ने दो टूक कह दिया है कि वह फैसले पर निश्चित तौर पर फिर से विचार करे।
उधर प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) ने अपना अलग रास्ता नाप लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उद्धव ठाकरे की पार्टी के रवैए से शरद पवार की एनसीपी शरदचंद्र पवार के कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजगी है। सहयोगी दलों के रवैए पर खुद शरद पवार भी असहज बताए जा रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि सभी दल आपसी तालमेल से सीटों का ऐलान करेंगे।

उद्धव ठाकरे की पार्टी के रवैए पर भड़के कांग्रेसी
उद्धव ठाकरे के रवैए से सबसे ज्याद परेशान कांग्रेस है। शिवसेना यूबीटी ने न सिर्फ 22 सीटों पर चुनाव लड़ने का एकतरफा ऐलान कर दिया है, बल्कि जिन 17 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, उसको लेकर कांग्रेस के नेता आग बबूला हो गए हैं।
मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम तो इतने नाराज हैं कि मुंबई उत्तर पश्चिम सीट पर सेना यूबीटी के अमोल कीर्तिकर की उम्मीदवारी पर 'खिचड़ी चोर' तक को उतारने का आरोप लगा रहे हैं। उनका दावा है कि इस सीट से कोविड महामारी के दौरान घोटाले के आरोपी को टिकट दे दिया गया है।
संजय निरुपम का कांग्रेस आलाकमान को अल्टीमेटम!
संजय निरुपम ने पार्टी आलाकमान को एक हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए अपना विकल्प खुला रखने तक की बात कही है। उन्होंने अपनी पार्टी को सेना यूबीटी से गठबंधन तोड़ लेने तक की सलाह दी है।
कांग्रेस नेताओं की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही शिवसेना (यूबीटी)!
लेकिन, कांग्रेस में मची इस अफरा-तफरी के बावजूद उद्धव ठाकरे की पार्टी अलग ही अंदाज में नजर आ रही है। पार्टी के सांसद अरविंद सावंत ने कहा है कि, 'वह (निरुपम) हैं कौन...मुझे पता नहीं। मेरी पार्टी में अनुशासन है और जब एक बार उद्धव ठाकरे घोषणा कर देते हैं (उम्मीदवारों को लेकर) तो मामला वहीं खत्म हो जाता है।'
फैसले पर फिर से विचार करे शिवसेना यूबीटी- कांग्रेस
कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट ने कहा है कि उद्धव पार्टी का रवैया सही नहीं है। उन्होंने कहा, 'सभी लोग गठबंधन धर्म का पालन करें। शिवसेना यूबीटी निश्चित रूप से अपने फैसले पर फिर से विचार करे।' महाराष्ट्र कांग्रेस खासकर भिवंडी, सांगली और मुंबई साउथ सेंट्रल सीट पर उद्धव की ओर से प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने से नाराज है।
थोराट ने साफ किया है कि कांग्रेस अभी भी सांगली, भिवंडी और मुंबई साउथ सेंट्रल सीट को लेकर अपनी दावेदारी पर कायम है। उनके मुताबिक यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया गया है।
जबकि, निरुपम की नाराजगी पार्टी हाई कमान से भी दिख रही है और उनका कहना है कि मुंबई की 6 में से 4 सीटों पर सेना यूबीटी ने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं और लगता है कि 5वीं पर भी कर देंगे। उनके मुताबिक, 'नेतृत्व को इस बात की चिंता नहीं कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हो रहा है। शिवसेना यूबीटी हमें झुकाती जा रही है और हम झुकते जा रहे हैं।'
वंचित बहुजन अघाड़ी ने भी ली अलग राह
उधर वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के प्रकाश अंबेडकर ने भी राज्य में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और एमवीए के सहयोगियों पर परिवारवादी राजनीति को बढ़ावा देने के लिए उनकी पार्टी के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। वीबीए ने 8 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। उन्होंने खुद अकोला सीट से अपनी उम्मीदवारी तय की है।
एक तरफ 45 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य, दूसरी तरफ आपस में मारा-मारी!
महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं, जो कि यूपी की 80 सीटों के बाद सबसे ज्यादा हैं। महा विकास अघाड़ी या राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक की लड़ाई यहां सत्ताधारी महायुति गठबंधन या एनडीए के साथ है, जो इस बार 45 से ज्यादा सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ तैयारियों में जुटा है।
लेकिन, जिस तरह से विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर फसाद हुआ है, उससे चुनाव से पहले ही उनकी अघाड़ी बेपटरी होती दिख रही है।












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