Lok Sabha Election 2024: इन तीन राज्यों में रहेगा कांग्रेस का दबदबा? या फिर चलेगा मोदी मैजिक
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के 7 चरणों में से दो पर वोटिंग पूरी हो चुकी है। अब 7 मई को तीसरे चरण का मतदान होगा। ऐसे में इन दो चरणों में हवा का रुख किस तरफ है यह कहना मुश्किल है, लेकिन इस बीच सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस शासित राज्यों में बीजेपी अपनी जीत का परचम लहरा पाएगी?
सवाल उठता है कि तीन विधानसभा चुनाव कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की बड़ी जीत हासिल हुई। ऐसे में सबसे पुरानी पार्टी लोकसभा चुनाव 2024 में भी इन राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करेगी? या बीजेपी के पास इन कांग्रेस शासित राज्यों में छाप छोड़ने का कोई मौका है? आइए जानते है।

तीन राज्यों में कांग्रेस की सत्ता
कांग्रेस मौजूदा वक्त में सिर्फ तीन राज्य- कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में सत्ता में है। सबसे पुरानी पार्टी ने दिसंबर 2022 में हिमाचल विधानसभा चुनाव, मई 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव और दिसंबर 2023 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव जीता है।
क्या चलेगा मोदी मैजिक?
ऐसे में अब जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव चल रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस के शासन वाले इन राज्यों में कैसा प्रदर्शन करेगी? और अगर इन तीन राज्यों में बीजेपी जीत गई तो क्या होगा? इन सब सवालों का जवाब पिछले चुनावों के प्रदर्शन में छिपा हो सकता है।
वैसे जाहिर तौर पर यह साफ है कि लोकसभा चुनावों के नतीजे हमेशा राज्य विधानसभा चुनावों की तर्ज पर नहीं होते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो अगर एक पार्टी विधानसभा चुनाव जीतती है, तो यह गारंटी नहीं देती कि वो ही पार्टी लोकसभा चुनाव भी जीतेगी। इस बात को साबित करने वाली कई घटनाएं हैं, जिन पर आइए नजर डालते हैं।
कर्नाटक
लोकसभा चुनाव को लेकर ओपिनियन पोल की बात करें तो इंडिया टीवी-सीएनएक्स ने दावा किया है कि भाजपा कर्नाटक में 28 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत हासिल कर सकती है। इंडिया टुडे के मूड ऑफ द नेशन ने भी कर्नाटक में बीजेपी को बढ़त दिलाई। इससे पता चला कि एनडीए (बीजेपी + जेडीएस) 24 सीटें जीत सकती है और इंडिया ब्लॉक को चार सीटें मिलने की संभावना है।
पिछले चुनावों के रुझान के मुताबिक कर्नाटक विधानसभा चुनावों ने एक पैटर्न दिखा है, जो कि सरकार (सत्ता में मौजूद पार्टी) हर पांच साल में बदल जाती है। हालांकि राज्य ने लोकसभा चुनावों में लगातार भाजपा के पक्ष में मतदान किया है।
पिछले चुनाव यानी 2013-2014 के चुनाव चक्र में भाजपा ने 2014 में लोकसभा चुनाव जीता, जबकि 2013 में विधानसभा चुनाव हार गई। 2013 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 40 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने 122 सीटें जीती थीं और जेडी (एस) कुल 224 सीटों में से 40 सीटें जीतने में कामयाब हुई, हालांकि ठीक एक साल बाद (2014) भाजपा ने 17 सीटें (बहुमत), कांग्रेस ने 9 और जद (एस) ने दो सीटें जीती थीं।
तेलंगाना
ओपिनियन पोल मूड ऑफ द नेशन से पता चला कि कांग्रेस को सबसे बड़ा फायदा तेलंगाना में होगा। कांग्रेस को 2019 में जीती तीन सीटों से बढ़कर 10 सीटें मिलेंगी। हालांकि भाजपा को एक सीट का नुकसान होगा और तेलंगाना में तीन सीटों पर संतोष करना पड़ेगा। इस बीच इंडिया टीवी-सीएनएक्स ओपिनियन पोल में दावा किया गया है कि बीजेपी तेलंगाना में चार सीटें जीत सकती है।
पिछले चुनावों की बात करें तो तेलंगाना राज्य के गठन (2014) के बाद क्षेत्रीय तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब भारत राष्ट्र समिति) ने 2018 में राज्य का पहला विधानसभा चुनाव जीता था, साथ ही 2019 में अपना पहला लोकसभा चुनाव भी जीता था।
2018 के विधानसभा चुनाव में कुल 119 सीटों में से अधिकतम 88 सीटें तत्कालीन टीआरएस ने जीती थीं, बीजेपी ने सिर्फ एक सीट जीती थी, जबकि कांग्रेस ने 19 सीटें, एआईएमआईएम ने सात सीटें और टीडीपी ने 2 सीटें जीती थीं।
एक साल बाद 2019 के राष्ट्रीय चुनावों में टीआरएस ने नौ सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने चार सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस और एआईएमआईएम ने तीन और एक सीट जीती थी।
हालांकि अपने दूसरे विधानसभा चुनाव में तेलंगाना में कांग्रेस ने जीत हासिल की। 2023 के विधानसभा चुनावों में सबसे पुरानी पार्टी ने राज्य में सरकार बनाने के लिए विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा यानी 60 पार कर लिया था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल का लोकसभा चुनाव भी पिछले साल के विधानसभा चुनावों के अनुरूप होगा।
हिमाचल प्रदेश
ओपिनियन पोल मूड ऑफ द नेशन पोल और इंडिया टीवी-सीएनएक्स दोनों ने भविष्यवाणी दी है कि भाजपा हिमाचल प्रदेश में सभी चार लोकसभा सीटें जीतने की संभावना है, जैसा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हुआ था। नेटवर्क18 मेगा ओपिनियन पोल ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा को 67 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, कांग्रेस केवल 27 प्रतिशत वोट हासिल कर सकती है।
पिछले चुनावों की बात करें तो भाजपा 2014 से हिमाचल में सभी चार लोकसभा सीटें जीत रही है। वहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तुलना करें तो...
सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में ताजा बगावत को देखते हुए हिमाचल प्रदेश का मामला और भी दिलचस्प हो जाता है। माना जा रहा है कि 2024 के राज्यसभा चुनावों में कुछ कांग्रेस नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था - जो कांग्रेस की राज्य इकाई के भीतर दरार का संकेत था।
इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि यदि कोई पार्टी विधानसभा चुनाव जीतती है, तो इसका असर पूरी तरह से अगले लोकसभा चुनाव के परिणाम पर नहीं पड़ता है।












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