सपा ने घोषित की 5वीं सूची, गाजियाबाद से सुरेंद्र कुमार मुन्नी को टिकट

2019 के लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में समाजवादी पार्टी ने अपनी 5वीं सूचीं जारी कर दी है।

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में अपनी पांचवी सूची जारी करते हुए गाजियाबाद लोकसभा सीट पर प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। गाजियाबाद लोकसभा सीट पर सपा ने अपने पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार शर्मा उर्फ मुन्नी शर्मा को महागठबंधन का उम्मीदवार घोषित किया है। गौरतलब है कि यह चर्चा पहले से थी कि गाजियाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट दे सकती है। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर दो दिन तक चले मंथन के बाद सुरेंद्र कुमार शर्मा का नाम गाजियाबाद के लिए फाइनल कर दिया गया। इससे पहले शुक्रवार को ही सपा ने कैराना, सम्भल, गोंडा और बाराबंकी सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान किया था।

कौन हैं सुरेंद्र कुमार मुन्नी?

कौन हैं सुरेंद्र कुमार मुन्नी?

गाजियाबाद सीट पर तमाम अटकलों को विराम देते हुए समाजवादी पार्टी ने आखिरकार अपने पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार शर्मा उर्फ मुन्नी शर्मा को टिकट दे दिया। सुरेंद्र कुमार शर्मा वर्तमान में गाजियाबाद में सपा के जिलाध्यक्ष भी हैं। वो तीन बार 1981, 1989 और 2004 में यूपी से विधायक रह चुके हैं। सुरेंद्र कुमार शर्मा पहले कांग्रेस में थे और 2004 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। 2004 में गाजियाबाद सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी। सुरेंद्र कुमार शर्मा के अलावा अभिषेक गर्ग, रामकिशोर अग्रवाल और राशिद मलिक के नाम चर्चा में थे। अखिलेश यादव और मायावती के बीच हुए सीटों के समझौते में पश्चिमी यूपी की गाजियाबाद लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई थी। गाजियाबाद सीट भाजपा का एक मजबूत गढ़ मानी जाती है।

क्या कहते हैं गाजियाबाद के जातीय समीकरण

क्या कहते हैं गाजियाबाद के जातीय समीकरण

गाजियाबाद सीट पर नजर डालें तो यहां करीब 27 लाख वोटर हैं। इनमें से ठाकुर, ब्राह्मण, वैश्य और त्यागी मतदाताओं की संख्या करीब 34 फीसदी है। गाजियाबाद में करीब 1.5 से 2 लाख ब्राह्मण मतदाता हैं। वहीं अनुसूचित जाति के वोटरों की संख्या करीब 5 से 6 लाख और मुस्लिम वोट 3 से 4 लाख के करीब है। इनके अलावा ओबीसी मतदाताओं की संख्या यहां 35 फीसदी है, जिनमें जाट, गुर्जर और यादव आदि जातियां शामिल हैं। गाजियाबाद के जातीय समीकरणों को देखते हुए यह माना जा रहा था कि सपा यहां ब्राह्मण उम्मीदवार पर दांव लगा सकती है।

गाजियाबाद का सियासी रिकॉर्ड क्या है?

गाजियाबाद का सियासी रिकॉर्ड क्या है?

नए परिसीमन के तहत गाजियाबाद लोकसभा सीट 2009 में अस्तित्व में आई। इससे पहले यह हापहु-गाजियाबाद लोकसभा सीट कहलाती थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद सीट से वर्तमान गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह चुनाव लड़े। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल को 90681 वोटों के अंतर से हराया। इसके बाद हुए 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से वर्तमान केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह चुनाव लड़े और उन्होंने 567260 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। इस सीट पर पिछले 30 सालों के चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो केवल 2004 के लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस नेता सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने जीत का परचम लहराया था। इससे पहले 1991, 1996, 1998 और 1999 तक लगातार चार बार यहां से भाजपा के रमेश चंद तोमर सांसद रहे। इन आंकड़ों के हिसाब से देखें तो गाजियाबाद लोकसभा सीट भाजपा का एक मजबूत गढ़ रही है। ऐसे में यहां महागठबंधन के सामने जीत दर्ज करना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

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