लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मेगा ऑनलाइन पोल, जानिए किसकी बन सकती है सरकार
नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं और अपनी-अपनी जीत के दावे करते दिखाई दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के नेृतत्व में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी के दावे कर रही है तो राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस उनको चुनौती देती दिखाई दे रही है। वहीं, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, मायावती से लेकर कई विपक्षी दल बीजेपी को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं। लोकसभा चुनावों को लेकर इन्हीं दावों के बीच ऑनलाइन सर्वे सामने आया है।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बन सकती है एनडीए की सरकार- सर्वे
टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा कराए गए ऑनलाइन पोल में नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने को लेकर बड़ा समर्थन मिलता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक, करीब 83 फीसदी रीडर्स का मानना है कि चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। इस सर्वे के मुताबिक, नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भी अन्य नेताओं के मुकाबले अधिक है और करीब 84 फीसदी यूजर्स ने बताया कि अगर आज की तारीख में चुनाव होते हैं तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के तौर पर पहली पसंद होंगे।

लोकप्रियता के मामले में नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर, राहुल दूसरे स्थान पर
लोकप्रियता के मामले में राहुल गांधी दूसरे स्थान पर हैं और 8.33 फीसदी यूजर्स ने उनको प्रधानमंत्री के रूप में पहली पसंद बताया। इसके बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (1.44 फीसदी वोट) और बीएसपी सुप्रीमो मायावती (0.43 फीसदी वोट) हैं। वहीं, करीब 5.9 फीसदी यूजर्स इन चारों के अलावा किसी अन्य नेता को प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।

राहुल गांधी की लोकप्रियता पर यूजर्स की राय
क्या राहुल गांधी आज की तारीख में साल 2014 के मुकाबले ज़्यादा लोकप्रिय हैं, तो 31 फीसदी यूजर्स ने इसपर सहमति जताई जबकि 63 फीसदी लोग ऐसा नहीं मानते। 83.03 फीसदी लोग मानते हैं कि एनडीए की सरकार बनेगी जबकि 9.25 यूजर्स ने माना कि यूपीए की सरकार बनेगी और केवल 4.25 फीसदी लोगों ने माना कि एनडीए की सरकार बनेगी लेकिन नरेंद्र मोदी देश के पीएम नहीं बनेंगे। वहीं, 3.47 फीसदी यूजर्स का मानना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बिना NDA और UPA के समर्थन वाली 'महागठबंधन' की सरकार बनेगी।

राफेल विवाद पर क्या यूजर्स की राय?
क्या राफेल विवाद से एनडीए को लोकसभा चुनावों में नुकसान होगा? 74.59 फीसदी यूजर्स ने माना कि इसका नुकसान नहीं होगा जबकि 17.51 फीसदी यूजर्स मानते हैं कि राफेल विवाद से एनडीए को नुकसान होगा। वहीं, 7.9 फीसदी लोगों ने 'बता नहीं सकते' ऑप्शन को चुना। मोदी सरकार के 5 साल के कार्यकाल को 59.51 फीसदी लोगों ने बहुत अच्छा माना जबकि 22.29 फीसदी ने बढ़िया माना, 8.25 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार के कार्यकाल को औसत माना और 9.9 फीसदी यूजर्स ने मोदी सरकार के कार्यकाल को खराब माना। टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा कराए गए इस सर्वे में करीब 2 लाख से ज़्यादा यूजर्स ने हिस्सा लिया। टाइम्स के मुताबिक, लॉग-इन की शर्त रखी गई थी ताकि एक यूजर एक से ज़्यादा बार वोटिंग न कर सके।

किन मुद्दों पर मोदी सरकार की विफल रही है?
मोदी सरकार की सबसे बड़ी विफलता क्या है, तो सबसे अधिक 35.72 फीसदी लोगों की राय राम मंदिर मामले में कोई प्रगति न होना रही। जबकि अपर्याप्त रोजगार सृजन को 29.52 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार की दूसरी बड़ी विफलता माना। वहीं, 13.5 फीसदी लोगों ने नोटबंदी को सरकार की बड़ी विफलता माना तो 12.97 फीसदी लोगों ने असहिष्णुता पर अंकुश न लगा पाना मोदी सरकार की सबसे बड़ी विफलता माना।












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