कांग्रेस को बड़ा झटका, NDA के साथ जुड़ी एक और पार्टी
2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को एक और दल का साथ मिल गया है।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को एक और दल का साथ मिल गया है। राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल गुरुवार को एनडीए में शामिल हो गए। जयपुर भाजपा कार्यालय में राजस्थान के बीजेपी प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने हनुमान बेनीवाल के एनडीए में शामिल होने का ऐलान किया। हनुमान बेनीवाल के एनडीए में जाने को कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। बेनीवाल जाट समुदाय से आते हैं और राजस्थान की कई सीटों पर उनका प्रभाव माना जाता है। कांग्रेस ने भी हनुमान बेनीवाल से गठबंधन की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बन पाई।

नागौर लोकसभा सीट से लड़ेंगे बेनीवाल
आपको बता दें कि राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी अभी तक कुल 25 लोकसभा सीटों में से 19 पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। माना जा रहा है कि हनुमान बेनीवाल से गठबंधन की कोशिश के चलते ही बाकी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया था। सूत्रों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी राजस्थान की नागौर और बाड़मेर लोकसभा सीट गठबंधन के तहत हनुमान बेनीवाली की पार्टी को दे सकती है। हनुमान बेनीवाल भाजपा के समर्थन से नागौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। वर्तमान में वो नागौर जिले के खिंवासर विधानसभा सीट से विधायक भी हैं। कांग्रेस ने नागौर सीट से ज्योति मिर्धा को चुनाव मैदान में उतारा है।

गठबंधन की कांग्रेस की कोशिशें नाकाम
एनडीए का हिस्सा बनने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा, 'मैं बीजेपी के समर्थन से नागौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ूंगा और भाजपा के लिए देशभर में प्रचार भी करूंगा।' गौरतलब है कि कांग्रेस ने भी जाट समुदाय का समर्थन हासिल करने की उम्मीद से बेनीवाल से हाथ मिलाने की कोशिश की थी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले हफ्ते बेनीवाल के साथ दो बार बातचीत की थी, लेकिन दोनों दल किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, बेनीवाल ने इस बात से इनकार किया था कि कांग्रेस के साथ उनकी मुलाकात चुनावी गठबंधन को लेकर थी। बेनीवाल ने कहा कि सीएम गहलोत के साथ मिलकर उन्होंने किसानों के मुद्दे पर चर्चा की थी।

7 सीटें चाहते थे बेनीवाल?
बीजेपी के साथ अपने गठबंधन के बाद, बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने किसी भी तरह के गठबंधन के लिए कांग्रेस से संपर्क नहीं किया था। सूत्रों की मानें तो हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस से राजस्थान में सात लोकसभा सीटों की मांग की थी, जिसे पार्टी ने अस्वीकार कर दिया। अशोक गहलोत गठबंधन के तहत बेनीवाल को केवल तीन सीटें देने के लिए तैयार थे। हनुमान बेनीवाल ने पिछले साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के रूप में अपनी पार्टी आरएलपी का गठन किया था। विधानसभा चुनाव में आरएलपी ने तीन सीटों- खिंवासर मेड़ता और भोपालगढ़ में जीत दर्ज की।












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