साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर के उम्‍मीदवारी को चुनौती, मालेगांव ब्लास्ट के पीड़ित के पिता ने कराई शिकायत दर्ज

भोपाल। मालेगांव ब्‍लास्‍ट की आरोपी साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी ने मध्‍य प्रदेश के भोपाल से लोकसभा का प्रत्‍याशी बनाया है। प्रज्ञा ठाकुर को जबसे टिकट मिला है राजनीतिक विवाद जारी है। इसी क्रम में अब मालेगांव ब्लास्ट के एक पीड़ित के शिकायत दर्ज कराते हुए उनकी उम्मीदवारी को चुनौती दी है। तहसीन पूनावाला ने ऐप्लिकेशन में प्रज्ञा ठाकुर के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए गए हैं क्योंकि एनआईए कोर्ट ने उन्हें स्वास्थ्य कारणों से ही जमानत दी थी।

दिग्‍विजय सिंह की धुर विरोधी हैं प्रज्ञा ठाकुर

दिग्‍विजय सिंह की धुर विरोधी हैं प्रज्ञा ठाकुर

आपको बता दें कि भोपाल सीट से कांग्रेस ने दिग्‍विजय सिंह को मौदान में उतारा है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उतरने से इस सीट पर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।साध्वी प्रज्ञा और दिग्विजय सिंह को एक-दूसरे का धुर विरोधी माना जाता है। दिग्विजय सिंह कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने यूपीए सरकार के दौर में 'भगवा आतंकवाद' के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। शायद यही वजह है कि साध्वी प्रज्ञा चुनावी बिसात पर दिग्विजय सिंह को चुनौती देना चाहती हैं।

उमर अब्दुल्ला ने भी जताई आपत्ति

उमर अब्दुल्ला ने भी जताई आपत्ति

वहीं दूसरी तरफ नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी कहा कि अगर प्रज्ञा सिंह ठाकुर का स्वास्थ्य ठीक है तो उनकी जमानत रद्द होनी चाहिए। आपको बता दें कि भोपाल सीट से कांग्रेस ने दिग्‍विजय सिंह को मौदान में उतारा है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उतरने से इस सीट पर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।

साध्वी प्रज्ञा के बारे में

साध्वी प्रज्ञा के बारे में

साध्वी प्रज्ञा 2007 के आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड में भी आरोपी थीं लेकिन कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। साध्वी प्रज्ञा का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था। हिस्ट्री में पोस्ट ग्रैजुएट प्रज्ञा का शुरुआत से ही राष्ट्रवादी संगठनों की तरफ रुझान था। वह आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी की सक्रिय सदस्य भी रह चुकी हैं।

2008 में चर्चा में आईं प्रज्ञा ठाकुर

2008 में चर्चा में आईं प्रज्ञा ठाकुर

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पहली बार तब चर्चा में आईं, जब 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया। वह 9 सालों तक जेल में रहीं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार 23 दिनों तक यातना दी गई थी।

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