Lok Sabha Elections 2019: रैली में नहीं आए महागठबंधन के नेता उपेंद्र कुशवाहा, जमकर हुआ हंगामा
पटना। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के अध्यक्ष और बिहार में महागठबंधन के नेता उपेंद्र कुशवाहा के एक चुनावी रैली में न पहुंचने पर जमकर हंगामा काटा गया। नाराज जनता बेकाबू उपद्रवियों में तब्दील हो गई और जमकर तोड़फोड़ हुआ। इतना ही नहीं वहां मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी-मोदी के नारे भी लगाए। जानकारी के मुताबिक मामला मुजफ्फरपुर जिले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (10 मई, 2019) को वैशाली लोकसभा क्षेत्र के बरुराज विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन की सभा थी। कुशवाहा को उसमें वैशाली सीट से प्रत्याशी डॉ.रघुवंश प्रसाद के समर्थन में रैली में हिस्सा लेना था, पर किन्हीं कारणों से वह कार्यक्रम में शरीक न हो सके।

रैली में आए लोग एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे
इस बात से नाराज रैली में आए लोग एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे। थोड़ी ही देर में रैली जंग के मैदान में तब्दील हो गई। घटना के दौरान सभास्थल पर कोई भी पुलिस पदाधिकारी या सशस्त्रबल मौजूद नहीं था। थानाध्यक्ष अनूप कुमार सशस्त्रबल के साथ सभास्थल पर पहुंचे, तब तक उपद्रवी फरार हो गए थे।

भीड़ का गुस्सा देख रैली के आयोजक भी रफूचक्कर
रैली में बैठने के लिए कुर्सियां तक उन लोगों ने तोड़ दीं। जोर-जोर से नारेबाजी की, जिसमें बच्चे और युवा शामिल थे। बताया गया कि घटना के वक्त मोदी मोदी के नारे लगे, जिसके बाद भगदड़ भी मच गई थी। उग्र भीड़ का गुस्सा आपे से बाहर देख रैली के आयोजक भी रफूचक्कर हो लिए। खबरों की मानें तो इसके बाद कार्यक्रमस्थल पर लाठी और डंडे भी चल गए थे। हालांकि, इसमें किसी को गंभीर चोट नहीं आई। पर कुछ लोगों को मामूली चोटें जरूर लगीं।

जानिए उपेंद्र कुशवाहा के बारे में
उपेंद्र कुशवाहा बिहार की राजनीति का जाना-माना नाम हैं। अभी कुछ दिन पहले ही उपेंद्र राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का साथ छोड़कर महागठबंधन में शामिल हो गए। उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) बिहार में पांच सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उपेंद्र ने खुद दो सीटों काराकाट और उजियारपुर से इस लोकसभा चुनाव में दावा ठोंका है। उपेंद्र कुशवाहा का जन्म 6 फरवरी, 1960 को बिहार के वैज जिले में स्थित जवाज़ गांव में हुआ था। मध्यम वर्गीय परिवार में पैदा हुए उपेंद्र ने वंचित समाज की आवाज को मुखर रूप से उठाने का काम अपने छात्र जीवन से ही शुरु कर दिया था। पटना साइंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर की भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में एमए किया।












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