पीएम मोदी ने किया 40 TMC विधायकों के टूटने का दावा, तो अखिलेश ने दिया बड़ा बयान
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर क्यों कहा है कि पीएम मोदी पर 72 घंटे नहीं बल्कि 72 साल का बैन लगना चाहिए।
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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की एक रैली में भाषण देते हुए मंच से दावा किया कि सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 40 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 23 मई यानी लोकसभा चुनाव के बाद ये टीएमसी के ये विधायक पार्टी छोड़ देंगे। पीएम मोदी के बयान को लेकर अब सियासी बवाल खड़ा हो गया है। इस बयान को लेकर जहां टीएमसी ने पीएम मोदी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है, तो वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी पर हमला बोला है।

'प्रधान जी का शर्मनाक भाषण सुना क्या'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीएमसी विधायकों को लेकर दिए गए इस बयान पर अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, 'विकास पूछ रहा है: प्रधान जी का शर्मनाक भाषण सुना क्या? "सवा सौ करोड़" देशवासियों का भरोसा खोकर अब वो बंगाल के 40 विधायकों के तथाकथित दल-बदल के अनैतिक भरोसे तक सिमट गए हैं। ये वो नहीं काले धन की मानसिकता बोल रही है। इसके लिए उन पर 72 घंटे नहीं बल्कि 72 साल का बैन लगना चाहिए।'
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
आपको बता दें कि सोमवार को पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली थी। इस रैली में पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा, 'दीदी, आपकी जमीन खिसक चुकी है और देख लेना 23 मई को जब नतीजे आएंगे तो आपके विधायक भी आपको छोड़कर भाग जाएंगे। आज भी आपके 40 विधायक मेरे संपर्क में हैं।' पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जनता की आंखों में एक ही सपना दिख रहा है। जनता के जिगर में एक ही संकल्प है, और वो है- चुपे-चाप कमल छाप, चुपे-चाप कमल छाप। बूथ बूथ से TMC साफ, बूथ बूथ से TMC साफ। दीदी आपने विश्वासघात किया है, आज जो पश्चिम बंगाल में गुस्सा है वो आपके विश्वासघात का है और इस विश्वासघात की कीमत यहां का नौजवान लेकर रहेगा।'

'चुनाव प्रचार कर रहे हैं या खरीदफरोख्त'
पीएम मोदी के इस बयान को लेकर टीएमसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'एक्सपायरी बाबू पीएम, कोई आपके साथ नहीं जाएगा, एक पार्षद भी नहीं। आप चुनाव प्रचार कर रहे हैं या खरीदफरोख्त कर रहे हैं। आपकी एक्सपायरी डेट नजदीक है। हम चुनाव आयोग से इसकी शिकायत कर रहे हैं।' इसके अलावा टीएमसी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर केंद्रीय सुरक्षाबलों की भी शिकायत की। टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के इशारे पर केंद्रीय सुरक्षाबलों के जवान गलत कार्रवाई कर रहे हैं। टीएमसी ने अपनी शिकायत में केंद्रीय सुरक्षाबलों के ऊपर वोटरों को रोकने के प्रयास का भी आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा
गौरतलब है कि सोमवार को पश्चिम बंगाल की 8 लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के कई इलाकों में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। वहीं एक पोलिंग बूथ पर सुरक्षाबलों का भी टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ टकराव हुआ। दरअसल कुछ लोगों ने आसनसोल के एक पोलिंग बूथ पर केंद्रीय सुरक्षाबल ना होने को लेकर सवाल उठाए और मतदान का बहिष्कार किया। वहीं, टीएमसी के समर्थक मतदान कराए जाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान आसनसोल लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।
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