हजारों की संख्या में राहुल गांधी के रोड शो में उमड़ा लोगों का जनसैलाब

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शुक्रवार को जहां अरविंद केजरीवाल का रोड शो वाराणसी की गलियों में था तो शनिवार को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के रोड शो ने सुबह-सुबह ही वाराणसी का तापमान बढ़ा दिया है।
मोदी, केजरी को जवाब राहुल का राेड शो
गुरुवार को नरेंद्र मोदी का रोड शो हुआ था उसमें हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ी थी। स्थानीय लोगों की मानें तो उन्हें चंद कदमों की दूरी का फासला तय करने में घंटों का समय लग गया था।
इसके बाद शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल के रोड शो का भी आलम कुछ ऐसा ही था। कहीं न कहीं शायद राहुल गांधी दोनों को ही रोड शो के जरिए जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं।
शनिवार को लोकसभा चुनावों के अंतिम दौर की वोटिंग का अंतिम दिन है। ऐसे में कोई भी पार्टी वोटर्स को लुभाने का मौका नहीं छोड़ना चाहती है। राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी को करारा जवाब देने के लिए वाराणसी से कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय के लिए चुनाव प्रचार कर रह हैं।
राहुल के रोड शो ने लगाया वाराणसी में चुनावी तड़का
वाराणसी की लड़ाई पर सबकी नजरें लगी हुई हैं। राहुल गांधी के रोड शो ने इस मुकाबले को और दिलचस्प बना डाला है। अमेठी में पांच मई को नरेंद्र मोदी के रोड शो के बाद और गांधी परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद बनारस में इस रोड शो का फैसला लिया गया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष का रोड शो वाराणसी के पीलीकोठी से विश्वेश्वरगंज, लहुराबीर चौक, चेतगंज, नई सड़क, गोदौलिया, बंगाली, टोला, सोनारपुर, अस्सी से होते हुए शहर के बीचो-बीच लंका गेट पर खत्म होगा।
वाराणसी से कांग्रेस ने अपने विधायक अजय राज को मोदी के खिलाफ चुनाव में उतारा है. अजय राय वाराणसी में मोदी और केजरीवाल दोनों को ही बाहर का नेता करार देते हैं। वहीं मुख्तार अंसारी की ओर से पहले ही अजय राय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया गया है।
क्या भीड़ तब्दील होगी वोट बैंक में ?
सूत्रों की मानें तो राहुल के रोड शो में जितने भी लोग मौजूद हैं, वह कांग्रेस के ही कार्यकार्ता हैं। सुबह से ही वह इस रोड शो को सफल बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। राहुल ने सुबह से ही रोड शो की शुरुआत कर डाली है। यह देखना होगा कि क्या भयंकर गर्मी में भी राहुल के रोड शो में लोग मौजूद रहेंगे या नहीं लेकिन इतना तो तय है कि राहुल के रोड शो की भीड़ ने कांग्रेस की उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया है।
अहम सवाल यही है कि जो भीड़ राहुल के रोड शो में नजर आ रही है वह वोट बैंक में तब्दील हो पाती है या नहीं। इसका फैसला भी 16 मई को ही आ जाएगा।












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