Tamil Nadu: दक्षिण भारत वाले मंसूबे को झटका! पूर्व सहयोगी ने क्या कहकर बीजेपी के लिए दरवाजा किया बंद? जानिए
भाजपा इस बार के लोकसभा चुनावों में दक्षिण भारतीय राज्यों में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करने के मंसूबे पर काम कर रही है। इसके लिए बड़े पैमाने पर तमिलनाडु के पूर्व विधायकों को बुधवार को दिल्ली में पार्टी में शामिल भी कराया गया है।
लेकिन, ऐसे समय में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के नेता जयकुमार ने कह दिया है कि बीजेपी के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे बंद हो चुके हैं। दरअसल, उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक हालिया बयान के संदर्भ में इतना सख्त बयान दिया है।

अमित शाह के बयान पर एआईएडीएमके की तीखी प्रतिक्रिया
तमिलनाडु के एक अखबार डेली थांथी की एक रिपोर्ट के मुताबिक शाह ने हाल में एक इंटरव्यू में कहा था कि लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के दरवाजे एआईएडीएमके समेत सभी दलों के लिए हमेशा खुले हुए हैं।
इसपर एआईएडीएमके नेता जयकुमार कहा है, 'केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी का स्टैंड ये है कि गठबंधन के लिए उनके दरवाजे खुले हुए हैं। लेकिन, बीजेपी पहले एक मित्र पार्टी थी। अब हम बीजेपी का राजनीतिक तौर पर पूर्ण विरोध कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (के अन्नामलाई) हमारे नेताओं, जयललिता, एमजीआर और अन्ना, जिनका कि हम बहुत ज्यादा सम्मान करते हैं, उन्हें नीचा दिखाते हैं और उनकी आलोचना करते हैं...। हमारी निंदा के बाद भी वे अगर ऐसा लगातार करते रहेंगे तो हम इसे कैसे मंजूर कर सकते हैं।'
बीजेपी के लिए हमारे दरवाजे बंद हैं- एआईएडीएमके नेता
उनका कहना है कि 'हमारे कैडर का फैसला है कि अब बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं। जब हमने ऐलान किया कि अब बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं होगा तो हमारे कैडर ने पटाखे जलाकर खुशियां मनाईं।'
'हमारा स्टैंड ये है कि हमने बीजेपी से गठबंधन का दरवाजा बंद कर दिया है। वे अपना दरवाजा खुला रखें, लेकिन हमारे दरवाजे बंद हैं। हम अपने कदम पीछे नहीं लेंगे।'
बीजेपी के कई पुरानी सहयोगियों के लौटने की है चर्चा
दरअसल, हाल ही में बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू फिर से बीजेपी गठबंधन में शामिल हो गई है। इसी तरह की चर्चा पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के लिए भी हो रही है।
आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी को लेकर भी ऐसी ही संभावना है। वे राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अयोध्या भी पहुंचे थे।
दक्षिण भारतीय राज्यों में बेहतर प्रदर्शन की बीजेपी को है उम्मीद
कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए जो 370 सीटों का टारगेट सेट किया है और एनडीए का आंकड़ा 400 पार रहने की संभावना जताई है, उसके पीछे यही वजह है कि दक्षिण भारतीय राज्यों में पार्टी अबकी बार ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद लेकर चल रही है।
दिल्ली में तमिलनाडु के कई दिग्गजों ने बीजेपी ज्वाइन की
ऐसे में अन्नाद्रमुक जैसी पूर्व सगयोगी से टका सा जवाब मिलना पार्टी के रणनीतिकारों को निश्चित तौर पर मायूस कर सकता है। वैसे तमिलनाडु से भाजपा के लिए ऐसी खबर उस दिन आई है, जब दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में तमिलनाडु के कई नेताओं ने कमल थामा है।
तमिलनाडु के 15 पूर्व विधायक भाजपा में शामिल
बीजेपी में शामिल होने वाले राज्य के 15 पूर्व विधायक भी हैं, जिनमें से अधिकतर एआईएडीएमके में ही रह चुके हैं। इन नेताओं को केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर और तमिलनाडु बीजेपी के तेज-तर्रार अध्यक्ष के अन्नामलाई की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई है।
इस मौके पर अन्नामलाई ने कहा, 'तमिलनाडु बीजेपी के लिए यह बहुत बड़ा अवसर है। सभी नए सदस्य पार्टी में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लेने के लिए बीजेपी हेडक्वार्टर आए हैं।'
गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले जब पीएम मोदी 11 दिनों तक यम नियम का पालन करते हुए दक्षिण भारत में भगवान राम से जुड़े स्थलों की यात्रा कर रहे थे, तब भी तमिलनाडु उनका प्रमुख ठिकाना बना था।












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