Lok Sabha Chunav 2024: मणिपुर में क्या चल रहा है, 'अशांत' माहौल में उम्मीदवार कैसे कर रहे हैं चुनाव प्रचार?
Lok Sabha Election 2024 Manipur: मणिपुर में करीब एक साल पहले हुई हिंसक घटनाओं के बाद से माहौल पूरी तरह से कभी सामान्य नहीं हो पाया है। आशंका के बादल लोगों के दिलो-दिमाग से पूरी तरह से हटे नहीं है। ऐसे में वहां लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार का काम आसान नहीं है। मणिपुर में इनर मणिपुर लोकसभा और आउटर मणिपुर लोकसभा दो चुनाव क्षेत्र हैं।
मणिपुर में प्रत्याशियों की ओर से प्रचार अभियान जारी है, लेकिन कहीं पर चुनावी शोरगुल का माहौल नहीं नजर आ रहा है। न ही कोई रैली हो रही है और न ही कोई बड़े नेता किसी जनसभा को संबोधित करते अबतक नजर आए हैं। सबकुछ चुपचाप शांतिपूर्ण तरीके से बेहद ही सादगी के साथ चल रहा है।

घर-घर जाकर चल रहा है चुनाव प्रचार
प्रचार अभियान में लगे वालंटियर रात के समय भी लोगों से मिल रहे हैं और अपने उम्मीदवार और पार्टी के पक्ष में अपनी बातें रख रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार के लिए निकली एक महिला वालंटियर ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'आज रात हम कुछ लोगों से मिलने के लिए विभिन्न जगहों पर जा रहे हैं, जिनका उनके आस-पड़ोस खासकर महिलाओं में अच्छा संपर्क है, ताकि वे हमारे उम्मीदवार को अच्छे से जान सकें और अन्य लोगों से भी (हमारे प्रत्याशी के बारे में) बात करवा सकें।'
सभी उम्मीदवार चुपचाप तरीके चला रहे हैं चुनाव अभियान
कुल मिलाकर तूफान के बाद की शांति की तरह ही यहां का चुनाव प्रचार बहुत ही चुपचाप तरीके से और छोटे स्तर पर चल रहा है। इनर मणिपुर सीट पर बीजेपी, कांग्रेस और मणिपुर पीपुल्स पार्टी समेत 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि, आउटर मणिपुर सीट पर कांग्रेस और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के अलावा दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। यहां बीजेपी और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने एनपीएफ को समर्थन दिया है।
खुलेआम चुनाव प्रचार से माहौल तनावपूर्ण होने की आशंका
एक साल के हिंसक माहौल की वजह से मणिपुर में आम लोग भी खुलेआम चुनाव प्रचार से मुंह मोड़ रहे हैं और अरामबाई तेंगगो जैसे सशस्त्र कट्टरपंथी संगठनों की ओर से मनाही की वजह से भी सभाओं और रैलियों से परहेज किया जा रहा है। क्योंकि, आशंका है कि इस तरह के कार्यों से पहले से ही तनावग्रस्त माहौल और बिगड़ सकता है।
बीजेपी ने बूथ-कार्यकर्तओं को प्रचार के काम में लगाया
इसलिए, उम्मीदवारों की ओर से छोटे-छोटे समूहों में ही स्थानीय लोगों के बीच प्रचार का काम चल रहा है। कुछ उम्मीदवार स्थानीय संरक्षक देवी-देवताओं के दरबार में हाजिरी लगाकर भी वोटरों तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी ने अपने बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं को डोर-टू-डोर कैंपेने में लगा दिया है।
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया, 'आमतौर पर प्रधानमंत्री गृहमंत्री और मुख्यमंत्री हजारों लोगों की बड़ी रैलियों को संबोधित करते हैं। अब हम बैठकों के साथ-साथ बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से डोर-टू-डोर कैंपेन चला रहे हैं। यहां हमारे पास राष्ट्रीय नेता नहीं हैं....'
इनर मणिपुर में जो प्रमुख उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, उनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी और राज्य के कैबिनेट मंत्री थौनाओजम बसंत सिंह बीजेपी से, जेएनयू के एसोसिएट प्रोफ्रेसर बिमोल अकोइजाम कांग्रेस से, महेश्वर थौनाओज आरपीआई (ए) और आरके सोमेंद्र (कायकू) मणिपुर पीपुल्स पार्टी के प्रत्याशी शामिल हैं। यहां पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान है।
जबकि, आउटर मणिपुर सीट पर चार ही उम्मीदवारों में कांग्रेस अलफर्ड कंगम एस अर्थर, नागा पीपुल्स फ्रंट के काचुई तिमोंथी जिमिक और दो निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। यहां दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं।












Click it and Unblock the Notifications