पढ़ें: दंतेवाड़ा में बच्चों के सवाल और प्रधानमंत्री के जवाब
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छत्तीसगढ़ यात्रा के ठीक पहले नक्सलियों ने कई हमलों को अंजाम दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कई जगह पर सुरक्षा तंत्र को तोड़कर बड़ी वारदाता को अंजाम देने के लिये नक्सली घात लगाये बैठे हैं। प्रस्तुत हैं पीएम दौरे के लेटेस्ट अपडेट्स। आप इसी पेज को रिफ्रेश करके ताज़ा अपडेट पढ़ सकते हैं।

ताज़ा अपडेट इस प्रकार हैं-
12:55 बजे। दंतेवाड़ा में नरेंद्र मोदी एक सभा को संबोधित कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सुकुमा जैसे इलाकों को हिंदुस्तान की मुख्य धारा से जोड़ना चाहते हैं। किसान और गरीब लोगों को रोजगार देना चाहते हैं, ताकि वे खुद सशक्त हो सकें।
11:35 बजे। बच्चे का सवाल- आपकी सफलता का राज क्या है?
मोदी का जवाब- कोई भी क्षेत्र हो हमें पता होना चाहिये कि मुझे कहां जाना है। हमें पता होना चाहिये, कि किस रास्ते जाना है। हमें पता होना चाहिये, कैसे जाना है। हमें पता होना चाहिये कि कब तक जाना है। अगर हमारी सोच स्पष्ट होगी, तो विफलताएं आयेंगी तो भी, दिक्कतें आयेंगी तो भी आप अपने लक्ष्य से नहीं भटकेंगे। आज अगर कोई मूवी देख कर आ गये तो आसे पूछे क्या बनना चाहते हो, तो बोलेंगे मुझे ऐक्टर बनना है। क्रिकेट देख कर क्रिकेटर बनना है, सेना के जवानों को देख सेना में जाना है। रोज नये-नये विचार रखने वाले लोगों को सफलता नहीं मिलती।
आज एक इच्छा, कल दूसरी इच्छा ऐसा नहीं होना चाहिये। इच्छा स्थिर होनी चाहिये। अगर इच्छा स्थिर हो जाती है, तो वह संकल्प बन जाती है। एक बार संकल्प ले लिया तो सफलता अपने आप आ जाती है।
आपमें से इतना बड़ा परिसर है, आपमें से किसी को बहुत अच्छे खिलाड़ी बनने की इच्छा होती है।
हर कोई सोचता है बाबू बनना है, अगर मैं पूछूंगा कि पुलिस बनना है, तो सब हाथ ऊपर कर देंगे, डॉक्टर बनने के लिये कहूंगा, तो हाथ ऊपर खड़ा कर देंगे।
एक बात बताओ अगर सपने देखने हैं, तो बनने के सपने कम देखो, कने के सपने ज्यादा देखो। एक बार करने के सपने देखोगे, तो आपको उसे करने का आनंद ज्यादा आयेगा।
तीन फील्ड के अंदर तो हमारा धरती आदिवासियों की भूमि, हम दुनिया में नाम कमा कर ले आयेंगे। आपने एक साल पहले देखा होगा कि झारखंड में कोई साधन नहीं था, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय जगत में गये, दुनिया में वहां की आदिवासी बालिकायें नाम कमा कर आ गईं।
एक अच्छे खिलाड़ी बनने का माहौल बनाओ। जहां यह परिसर होता है, अच्छे खिलाड़ी बनने की संभावना होती है। आप में से कितने लोग हैं जो सप्ताह में एक दिन भी खेलने की बात आये, तो बाहर नहीं निकलते। जीवन में खेलकूद होना ही चाहिये। पसीना जरूर आना चाहिये। खेलने से पढ़ाई को कोई नुकसान नहीं होना चाहिये।
11:27 बजे। बच्चे का सवाल- अगर आप राजनीति में नहीं होते तो क्या होते?
मोदी का जवाब- मेरे जीवन में सबसे बड़ा आनंद होता है बालक बने रहने का। जब बड़े होने के बाद जीवन उतना सुंदर नहीं रह जाता। ईश्वर मुझसे पूछता कि क्या बनना चाहते हो, तो मैं कहता बच्चा बना रहना चाहता हूं।
11:25 बजे: बच्चे का सवाल-आपके जीवन में सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
मोदी का जवाब- जिस दिन हम सफलता विफलता, इसका हिसाब लगाते हैं। कभी रुकावट आयी, कभी आगे जाना पड़ा कभी पीछे। लेकिन अगर आप अपने लक्ष्य को सामने रखते हैं, तो सारी बातें बेकार हो जाती हैं। सफलता-विफलता को जीवन के लक्ष्य में नहीं रखना चाहिये। लेकिन विफलता से बहुत कुछ सीखना चाहिये। हम सफलताओं से जितना ज्यादा सीखते हैं, विफलता से कहीं ज्यादा सीख सकते हैं। मेरा जीवन ऐसा रहा जिसको हर कदम परेशानियां आयीं। मैं कभी सफल होने के बारे में सोचकर काम नहीं करता। मैं कोशिश करता हूं विफलता से ज्यादा से ज्यादा सीखने की। मेरा मकसद लक्ष्य हासिल करने का रहता है।
11:20 बजे। बच्ची का सवाल -हमने सुना है कि हाप 18 घंटे काम करते हैं, जब आपको तनाव महसूस होता है, तो आप क्या करते हैं।
मोदी का जवाब-मैं कितने घंटे काम करता हूं, उसका हिसाब मैंने कभी नहीं किया। जब हम गिनना शुरू कर देते हैं, कि मैंने इतने घंटे काम किया, तब आपका काम प्रभावित होता है।
मास्टर जी ने होमवर्क दिया। आप घर गये होमवर्क बोझ लगता होगा, लेकिन होम वर्क पूरा होते ही आपकी थकान उतर जाती होगी। एक बात पक्की है, काम की थकान कभी नहीं होती, काम न करने की थकान होती है।
एक पुरानी कथा है- एक स्वामी जी पहाड़ पर पेड़ के नीचे बैठे थे, एक आठ साल की बच्ची थी जो एक साल के भाई को गोद में लेकर पहाड़ चढ़ रही थी। स्वामी ने पूछा तुम्हें थकान नहीं लग रही। बच्ची बोली ये मेरा भाई है, स्वामी बोले मैंने यह नहीं पूछा कि यह तुम्हारा भाई है, मैं सिर्फ इतना पूछ रहा हूं, कि ये मेरा भाई है, फिर स्वामी ने कहा, मैं पूछ रहा हूं कि थकान नहीं लगती, बच्ची का जवाब वही था। कहने का तात्वपर्य यह है कि मेरे लिये सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे अपने हैं। इनके लिये कुछ करने में आनंद आयेगा कि नहीं। उनके लिये जीने का मन करेगा कि नहीं करेगा। बस यही है थकान नहीं होने का कारण।
11:16 बजे। बच्ची का सवाल- प्रधानमंत्री जी आपके छात्र जीवन में कोई ऐसी घटना बताइये, जिससे आपको प्रेरणा मिली।
मोदी का जवाब-मेरे जीवन से ज्यादा मुझे दूसरों के जीवन से प्रेरणा मिली। एक किताब मैंने बचपन में पढ़ी, जिसमें एक बच्ची का पात्र है। वो बच्ची अपने जीवन की हर घटना से अच्छी बातें निकालने की कोशिश करती है। बच्ची ने माली को काम करते देखा, जो बहुत बूढ़ा हो गया था। बच्ची ने पूछा दादा क्या हुआ। माली ने कहा मैं बूढ़ा हो गया हूं, खड़ा भी नहीं हो पाता हूं। अब मौत का इंतजार कर रहा हूं। बच्ची बोली नहीं दादा, पहले आपको पेड़ों में पानी देने के लिये झुकना पड़ता था, अब आपका शरीर खुद ही झुक गया है।
बच्चों आप सभी कुछ किताबें मंगवाइये और बारी-बारी से किताबें पढ़िये।
11:08 बजे। दंतेवाड़ा में नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम शुरू हुआ। पीएम यहां बच्चों से मुलाकात करेंगे। सीएम भी मौजूद हैं।
11:4 बजे। स्थानीय लोगों का कहना है कि नक्सली चाहते हैं कि पीएम दौरे के दौरान उन्हें भी लोकप्रियता हासिल हो।
10:55 बजे। खबर मिली है कि नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में रेलवे ट्रैक को बम से उड़ा दिया है। यानी आज छत्तीसगढ़ के कई शहरों के बीच चलने वाली ट्रेनें लेट होंगी।
किरंदूल गांव में यह रेलवे ट्रैक रायपुर विशाखापट्टनम को जोड़ता है। पांच मीटर लंबाई तक क्षतिग्रस्त हुआ है। यहां पर 675 करोड़ और 18 हजार करोड़ रुपए के दो प्रोजेक्ट बनाये जाने हैं।
10: 45 बजे। सुकुमा के जिला मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बंधक मरेंगा गांव के ग्रामीणों की संख्या 300 नहीं 500 है।
10 बजे: नक्सलियों ने मोदी की रैली में जा रहे 300 लोगों को सुकुमा में बंधक बना लिया है।
सुबह 9 बजे। शनिवार को नक्सलियों ने दंडकारण्य बंद का आह्वान किया है। जिसके चलते नक्सल इलाकों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रमण सिंह के पुतले पेड़ों पर लटकाये गये हैं।
सुबह 8:45 बजे: प्रधानमंत्री विशेष विमान से बस्तर के जिला मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे।
सुबह 8 बजे। प्रधानमंत्री का नया रायपुर दौरा रद्द कर दिया गया। नया रायपुर में बीती रात भारी आंधी-बारिश के कारण पंडाल गिर गया। इसमें 42 पुलिसकर्मियों समेत 55 लोग घायल हुए हैं।












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