कई गुना ताकतवर हुआ तेजस विमान, लगाया गया अमेरिका का ये घातक हथियार
नई दिल्ली, 29 मार्च: स्वदेशी हल्के तेजस लड़ाकू विमान की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय वायु सेना ने एक अहम फैसला लिया है। तेजस को अधिक ताकतवर बनाने के लिए भारतीय वायुसेना ने उसे अमेरिकी ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक मुनिशन किट से लैस करने जा रही है। इससे तेजस में फिट करने के बाद उसकी मारक क्षमता पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। जो तेजस को सटीकता के साथ दुश्मन की स्थिति को लक्षित करने में मदद करेगी।

एयरएस्ट्राइक करने की क्षमता में कई गुना इजाफा होगा
सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने हाल ही में JDAM किट के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। ये तकनीक हवा से जमीन पर 80 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर लक्ष्यों पर सटीक हमला करने में मदद करते हैं। सूत्रों ने कहा कि इन JDAMs से लैस होने वाला पहला बेड़ा हल्के लड़ाकू विमान तेजस का होगा जो भविष्य में बल के मुख्य आधारों में से एक होने जा रहा है। इस तकनीक के जुड़ने से एयरक्राफ्ट में एयरएस्ट्राइक करने की क्षमता में कई गुना इजाफा होगा।

इसमें स्वदेशी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी लगाई गई है
उन्होंने कहा कि यह क्षमता घरेलू विमानों को प्रतिकूल विमानों के मुकाबले बढ़त देगी क्योंकि वे बिना किसी दिक्कत के दूर से लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम होंगे। भारतीय वायुसेना ने हाल ही में तेजस को फ्रेंच मूल के हैमर एयर टू ग्राउंड स्टैंड-ऑफ मिसाइल के साथ स्वदेशी एस्ट्रा हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस किया था। इसके अलावा इसमें स्वदेशी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी लगाई गई है।

तेजस को ज्यादा से ज्यादा मारक तकनीकों से लैस कर रही है IAF
भारतीय सशस्त्र बल सरकार द्वारा अलग-अलग चरणों में दी जा रही डेलीगेटेड फाइनेंशियल पॉवर का पूरा प्रयोग अपने हथियारों की क्षमता को बढ़ाने में कर रहे हैं। ताकि किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से निपटा जा सके। भारतीय वायु सेना स्वदेशी एलसीए विमान तेजस को ज्यादा से ज्यादा मारक तकनीकों से लैस कर रही है। भारतीय वायु सेना विमान में अधिक से अधिक क्षमताओं को जोड़कर स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमान कार्यक्रम का और अधिक सक्षम बना रही है।

वायु सेना की निगाहें एलसीए मार्क 2 हैं
एयरफोर्स ने पहले ही अपने दो स्क्वाड्रनों को प्रारंभिक परिचालन और अंतिम परिचालन की मंजूरी के साथ संचालित कर दिया है। जबकि 83 Mark1As के लिए एक कॉन्टैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो अब से कुछ साल बाद वितरित किए जाएंगे। वायु सेना की निगाहें एलसीए मार्क 2 और डीआरडीओ द्वारा इसके लिए विकसित किए जा रहे एएमसीए पर भी टिकी हुई हैं। स्वदेशी तेजस विमान सिंगल इंजन और बहु-भूमिका वाला अत्यंत फुर्तीला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया है।

दुश्मन से आसानी से छुप सकता है तेजस
तेजस हवाई क्षेत्र के साथ उच्च खतरे की स्थितियों में भी लड़ने में कारगर है। यह मुख्य रूप से हवाई युद्ध में काम आने वाला विमान है। ये आठ से नौ टन तक बोझ उठा सकते हैं। इसके साथ ही ये हल्के लड़ाकू विमान 52 हजार की फीट तक उड़ सकते हैं। इसके अलावा ये ध्वनि की गति यानी मैक 1.6 से लेकर 1.8 तक की रफ्तार से उड़ सकते हैं। तेजस की एक और खासियत यह है कि यह दूर से ही दुश्मन के विमान पर हमला करने में सक्षम है। इसमें दुश्मन से छिपने की क्षमता भी है।












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