एक और चिंताजनक रिपोर्ट, भारत उन 6 देशों में शामिल जहां सबसे ज्यादा बच्चों को नहीं मिली खसरा की वैक्सीन
नई दिल्ली: भारत के लिए एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। भारत उन छह देशों में शामिल था, जहां सबसे ज्यादा ऐसे बच्चे थे, जिन्हें खसरा का टीका नहीं मिला है, जबकि खसरा का कहर दुनियाभर में बढ़ता जा रहा। साल 2019 में ही इसके सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने मिलकर एक रिपोर्ट तैयार की है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2019 में 1.2 मिलियन (12 लाख) बच्चे ऐसे थे, जिन्हें खसरा की वैक्सीन नहीं मिली। वहीं नाइजीरिया में ये आंकड़ा 3.3 मिलियन, इथियोपिया में 1.5 मिलियन, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में 1.4 मिलियन, पाकिस्तान में 1.4 मिलियन, और फिलीपींस में 0.7 मिलियन है। प्रोग्रेस टूवार्ड्स रीजनल मीजल्स एलिमिनेशन वर्ल्डवाइड 2000-2019 (Progress Towards Regional Measles Elimination Worldwide 2000) नाम की रिपोर्ट में कहा गया कि दुनियाभर में 2019 में खसरा के मामलों की संख्या 8,69,770 हो गई थी। 1996 के बाद इसी साल ही सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। इसके अलावा मौत का आंकड़ा 2,07,500 हो गया है।
WHO के प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधनोम घ्रेबेसिस ने मामले में कहा कि हम जानते हैं कि खसरा से कैसे बचा जाए। फिर भी इन आंकड़ों से साफ है कि दुनियाभर के कई देश अपने बच्चों को खसरा से बचाने में नाकाम रहे। हमें सामूहिक रूप से इस टीके को हर समुदाय और वर्ग तक पहुंचाने का काम करना चाहिए, ताकी इस घातक वायरस को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि खसरे के प्रकोप को रोकने के लिए MCV1 (वैक्सीन) और MCV2 के साथ टीकाकरण कवरेज दर 95 प्रतिशत तक पहुंचनी चाहिए। MCV1 कवरेज एक दशक से अधिक समय से 84 से 85 प्रतिशत के बीच वैश्विक स्तर पर स्थिर रहा है। MCV2 का कवरेज लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी वो 71 प्रतिशत है, जबकि इन्हें 95 प्रतिशत के आसपास होना चाहिए।












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