कुमारस्वामी के बेटे निखिल ने उपचुनाव के लिए दाखिल किया नामांकन, योगेश्वर से होगा कड़ा मुकाबला
जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के नेता निखिल कुमारस्वामी ने चन्नापटना विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल किए। निखिल, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे है, जिन्हें बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने कर्नाटक की चन्नापटना विधानसभा सीट टिकट दिया था।
यह सीट उनके पिता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी। बता दें कि नामांकन दाखिल करने से पहले निखिल कुमारस्वामी ने बेंगलुरु के थिरुमालागिरी श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान निखिल की पत्नी रेवती, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और उनके दादा एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी उपस्थित थे।

निखिल कुमारस्वामी ने चुनाव लड़ने का मौका मिलने पर खुशी जाहिर की। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "आज हमारे लिए बहुत बड़ा दिन है। मुझे खुशी है कि मुझे इस सीट पर चुनाव लड़ने का मौका मिला। इस लड़ाई में सभी कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि जनता भी मुझे आशीर्वाद देगी।
वहीं, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव जीतना चाहती है। हमारे पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर यह लड़ाई लड़ेंगे और अंततः जीतेंगे। बता दें, 24 अक्टूबर को निखिल कुमारस्वामी को आगामी चन्नपटना उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा गया। निखिल, केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री है।
बता दें, निखिल कुमारस्वामी का मुकाबला सीपी योगेश्वर से होगा, जो सोमवार को बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले वे 2023 में भाजपा के समर्थन से जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के टिकट पर रामनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
निखिल के पिता एचडी कुमारस्वामी ने 2018 और 2023 दोनों में चन्नापटना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था। इस निर्वाचन क्षेत्र को जेडीएस का गढ़ माना जाता है। हालांकि, निखिल की मां अनीता कुमारस्वामी 2013 में यहां सीपी योगेश्वर से हार गईं, जो उस समय समाजवादी पार्टी के साथ थे।
चुनावी मुकाबला और प्रतिद्वंद्वी
इस उपचुनाव में निखिल का सीधा मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार सीपी योगेश्वर से है, जो चन्नपटना से पांच बार विधायक रह चुके एक अनुभवी राजनेता हैं। योगेश्वर ने इस चुनाव में कांग्रेस में वापसी करने से पहले एक निर्दलीय और कांग्रेस तथा भाजपा सहित विभिन्न पार्टियों के बैनर तले चुनाव जीते हैं।
सीपी योगेश्वर के राजनीतिक जीवन में कई दलों के साथ जीत शामिल है। 1999 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में, 2004 और 2008 में कांग्रेस के साथ, 2011 के उपचुनाव में भाजपा के साथ और 2013 में समाजवादी पार्टी के साथ। भाजपा छोड़ने के बाद वे फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए और चन्नपटना से फिर से चुनाव लड़ा।
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