ममता सरकार की बड़ी पहल, अंतिम संस्कार करने वाले पुरोहितों को मिलेगी सैलरी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल कोलकाता नगर निगम ने हिंदू पंडितों को वेतन देने का फैसला किया है। मतलब जो हिंदू पंडित नगर निगम की निगरानी में आने वाले सात श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार करवाते हैं, अब उन्हें हर महीने सैलरी मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निकाय संस्था पुरोहितों को हर अंतिम संस्कार के लिए 380 रुपए देगी।

ममता बनर्जी की सरकार ने ये फैसला उस समय लिया है जब लोकसभा चुनाव का परिणाम आने वाला है। दूसरी ओर से इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कोई इसे हिंदुत्व एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए घेरने की कोशिश की थी। लेकिन ममता बनर्जी के इस कदम को बीजेपी के आरोप का जवाब माना जा रहा है।
लेकिन इस फैसले को लेकर भी एक भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि कोलकाता नगर निगम ने दावा किया है कि पुरोहितों को सैलरी देने का यह फैसला चुनाव से पहले ही लिया गया था। इस संबंध में कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद खान ने कहा है कि हम इसे चुनाव के बाद लागू कर रहे हैं। क्योंकि इन पुरोहितों की आय का कोई नियमित श्रोत नहीं था।
इनका खर्चा उसी पैसे चलता था जो शोक संतप्त परिवार की ओर से मिलता है। लेकिन उनकी जिंगदी को सरल बनाने के लिए अब उन्हें प्रति शव के अंतिम संस्कार के लिए 380 रुपए देने का फैसला किया गया है। हालांकि आपको बता दें कि इससे पहले साल 2012 में ममता बनर्जी ने इमाम और मुअज्जिन के लिए भी वेतन निर्धारित किया था। सरकरा ने इमाम के लिए 2500 से मुअज्जिन के लिए 3000 रुपए का वेतन देने का ऐलान किया था।
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