जानिए, कोरोना संकट के समय राहुल गांधी आखिर मोदी सरकार से क्या चाहते हैं?
नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और गांधी परिवार के उत्तराधिकारी राहुल गांधी ने एक बार फिर 2019 का लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल न्याय योजना की पैरोकारी पर उतर आए हैं, यह अलग बात है कि कांग्रेस के लोकलुभावन न्याय योजना को देश की जनता ने ही नकार दिया था और लगातार दूसरी बार कांग्रेस को चुनाव में बुरी का हार सामना करना पड़ा था।

दरअसल, हाल ही में लॉकडाउन में परेशान मजदूरों से बातचीत के लिए सड़क पर उतरे राहुल गांधी चाहते हैं कि मोदी सरकार कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल न्याय योजना को लाग करे, जिसके तहत देश के प्रत्येक करीब को 6000 रुपए नकद देने की योजना है। न्याय- न्यूनतम आय योजना के तहत प्रत्येक गरीब के बैंक खातों में 6000 रुपए नकद हस्तांतरण की प्रस्ताव था।

हालांकि कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल न्याय योजना को कभी भी मोदी सरकार का समर्थन नहीं मिला, बल्कि 2019 लोकसभा चुनावों से पहले ही बीजेपी की खुद की एक प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजना लांच कर दी थी। राहुल गांधी की न्याय योजना के तहत जहां सबसे गरीब पांच करोड़ परिवारों को 6,000 रुपए का प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण का प्रस्ताव था। वहीं, मोदी सरकार के पीएम किसान योजना ने तीन समान किश्तों में 6,000 रुपए प्रति वर्ष की पेशकश की थी।

कोरोना संकट के दौरान न्याय योजना को वकालत करते हुए राहुल गांधी ने वापस उसे एक बार फिर चर्चा ला दिया है। चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, ऐसे में Covid-19 संकट के बीच आर्थिक बंदी के जवाब में कांग्रेस ने न्याय योजना को दोबारा पेश किया। इसी बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय भी इसकी वकालत कर चुके है।

दिलचस्प बात यह है कि सरकार और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों ही इस बात के आकलन में एकमत हैं कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन से गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दोनों इससे भी सहमत हैं कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान आर्थिक मंदी एक मुख्य समस्या बन गई है क्योंकि गरीबों के हाथ में पर्याप्त पैसा नहीं है।

फिर भी आर्थिक बीमारी के लिए दोनों के नुस्खे काफी अलग हैं। राहुल गांधी न्याय को वापस ले आए और अपनी मांग को लेकर चर्चा में हैं। राहुल गांधी का मानना है कि मोदी सरकार को न्याय योजना के नकदी हस्तांतरण प्रस्ताव को कम से कम अस्थायी रूप से" लागू करना चाहिए ताकि गरीबों और देश की अर्थव्यवस्था को मदद मिल सके।












Click it and Unblock the Notifications