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जानें चीन ने किन गलतियों को सुधार कर कोरोनावायरस पर पाया काबू, क्या भारत कर रहा वो प्रयास

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बेंगलुरु। दुनियाभर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या भारत में बढ़ती जा रही है। भारत में पिछले तीन दिनों में कोरोनावायरस से दो मरीजों की मौत हो चुकी हैं। दुनिया भर में कोरोना वायरस का चीन के वुहान से पहुंचा जो अब महामारी का रुप ले चुका है। दुनिया के अलग-अलग देशों में इस संक्रमण के चपेट में आए 5000 से लोगों कर मृत्यु हो चुकी हैं वहीं 1,39,356 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं जिनमें से 62,888 रोगी अब स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन चाइना इस पर काबू करने मेें काफी हद तक कामयाब हो चुका हैं। जो आइए जानते हैं शुरुआती गलतियों से सीख लेकर चीन ने कैसे पाया कोरोना वायरस पर काबू, क्या भारत में किए जा रहे वो प्रयास?

चीन के तरीकों की प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की

चीन के तरीकों की प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की

गौरतलब हैं कि दो माह पूर्व जब चीन में ये कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत हुई तो चीन को इस बात का अंदाजा नहीं लगा सका कि ये दिन इतना भयंकर रुप ले लेगा। लेकिन जैसे ही चीन ने कोरोना वायरस के महाप्रकोप के विकराल को समझा उस पर काबू पाने में जुट गया। महाप्रकोप के निराकरण के साथ उस पर नियंत्रण के लिए पूरा दम लगा दिया। जिसका नतीजा ये हुआ कि अब चीन इस महामारी से निपटने के लिए जो प्रयास किए उसमें सफल हो रहा हैं। कोरोना वायरस से निपटने के चीन के तरीकों की प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर चुका है। शुरुआत में इसमें कुप्रबंधन था जिसके कारण इतना भयावह रुप ले लिया।

चीन ने शुरुआत में की ये भूल

चीन ने शुरुआत में की ये भूल

बता दें 8 दिसंबर 2019 को वुहान में कोरोना वायसस का पहला मामला सामने आया था लेकिन उस पर कोई भी करने में चीन ने पूरा एक महीने से ज्यादा समय लगा दिया। 14 जनवरी को चीन इसको लेकर हरकत में आया था। जबकि चीन में आंख के एक डाक्‍टर जिनका नाम ली वेनलियांग था उन्‍होंने कहा था कि वुहान में सार्स जैसे एक बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है। लेकिन तब वहां की सरकार ने उस पर ध्‍यान देने के बजाए उसे अफवाह बता कर उस डाक्टर को दंडित किया और कुछ दिनों बाद ही इसी कोरोना वायरस से उसकी मौत हो गई। उसे जनवरी 2020 में 18 लोगों को सार्स जैसी बीमारी फैलने की अफवाह उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जल्द ही यह साबित हो गया कि यह अफवाह नहीं सच है।

पाबंदी से पाया नियंत्रण

पाबंदी से पाया नियंत्रण

चीन सरकार ने आरंभ में इस मामले को खूब दबाने की कोशिश की। यहां तक कि चीन के सरकारी तंत्र ने उस सच्‍चाई को अफवाह सिद्ध करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन कोरोना का कहर बढ़ने पर लोगों को गुस्‍सा बढ़ गया और चीन की सरकार और प्रभावित क्षेत्रों के प्रशासन ने ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से कोरोना पर चर्चा करने पर पाबंदी लगा दी थी।

चीन ने लिया तकनीक का सहारा

चीन ने लिया तकनीक का सहारा

कोरोनावायरस के फैलते ही चीन कोरोना पर चर्चा पर पाबंदी लगा दी। चीन द्वारा ये पाबंदियां लगाने में उसकी पूरी मदद वहां की टेलीकॉम और मोबाइल ऑपरेटर्स ने की। इतना ही नहीं चीन में स्वास्थ्य कोड नाम की प्रणाली विकसित की गई। इसमें तीन रंगों के कोड उपयोग किए जा रहे थे। सभी लोगों को उनके द्वारा की गई यात्रा के अनुसार रंगो के कोड दिए जा रहे थे।

चीन ने इस प्रणाली का किया उपयोग

चीन ने इस प्रणाली का किया उपयोग

चीन की कई कंपनियों ने फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने की प्रणाली) का उपयोग शुरू कर दिया था, जिससे वो सार्वजनिक स्थल पर ऐसे लोगों की पहचान करते थे, जिन्होंने मास्क नहीं पहने थे या फिर सुरक्षात्मक उपाय नहीं लिए थे।

संक्रमितों की पहचान के लिए चीन की ये रणनीति हुई सफल

संक्रमितों की पहचान के लिए चीन की ये रणनीति हुई सफल

इसके अलावा चीन में संक्रमण फैलने पर सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों की पहचान की जा रही थी, जो संक्रमित थे या फिर संक्रमण के बचाव के तरीकों का पालन नहीं कर रहे थे। कई शहरों में तो संक्रमितों की पहचान बताने वालों को ईनाम भी दिया जा रहा था। जिसके कारण जो मरीज अपने को छिपा रहे थे जिनके कारण संक्रमण फैला रहा था उस पर नियंत्रण पाने में काफी हद तक सफलता मिली। इनाम घोषित किए जाने के बाद अचानक चीन में अत्‍यधिक संख्‍या में संक्रमितों की पहचान हो सकी और उनको लेकर ऐतिहात बरती गई।

चीन की सख्‍ती लाई रंग

चीन की सख्‍ती लाई रंग

चीन की सख्ती का फायदा इस महामारी से निपटने में असरकारक साबित हुआ। सभी दफ्तरों और रहवासी इलाकों में लोगों का तापमान लिया जा रहा था। शहर तथा क्षेत्र से आने-जाने वालों का रिकॉर्ड रखा जा रहा था। हर घर से केवल एक ही व्यक्ति को बाहर निकलने की अनुमति थी। सभी विद्यालय बंद कर दिए गए और ऑफलाइन कक्षाएं चलाई गईं। घरों में भोजन तथा अस्पतालों में दवाई पहुंचाने के लिए केंद्रीकृत सुविधाएं शुरू की गईं।

चीन में अब घट रहे हैं मामले

चीन में अब घट रहे हैं मामले

चीन ने किस तेजी से इस मामले पर काबू पाया उसका पता इसी से चलता है कि मार्च में केवल 12 ही नए संक्रमित लोग मिले। येल विश्वविद्यालय के सोशल तथा प्राकृतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर निकोलस किस्तारिक ने चीन के कोरोना वायरस से निपटने के तरीके को सोशल न्यूक्लियर वेपन (सामाजिक परमाणु हथियार) की संज्ञा दी है।

भारत में क्या उठाए गए कदम

भारत में क्या उठाए गए कदम

भारत में कोरोना के असर को देखते हुए देश के एक दर्जन से अधिक राज्य़ों ने अपने शिक्षण संस्थानों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। केंद्र और राज्य की सरकारें कोरोना से लड़ने के लिए हर संभव कोशिशें कर रही हैं। कई सरकारों ने सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं सर्वाजनिक स्‍थल जिममें सिनेमाघऱ, स्विमिंग पूल और जिम और पार्कों को भी बंद किया गया हैं। वहीं विदेश से यात्रा करके लौटे और भारत में आए विदेशी लोगों को चिंहित करके उनको आइसोलेशन सेंटर में भेज दिया गया।

भारत ने क्या चीन के जैसे उठाए हैं कदम

भारत ने क्या चीन के जैसे उठाए हैं कदम

केंद्र सरकार ने मास्कऔर सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु घोषित कर दिया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने (सर्जिकल मास्क, N95) फिलहाल के लिए आवश्यक वस्तुओं की सूची में डाल दिया है। इसके अलावा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा अब तक कई एडवाइजरी जारी की जा चुकी हैं और कोरोना को लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार जो 82 कोराना वायरस के संक्रमित मरीज भारत में पाए गए उनके संपर्क में आने वाले लगभग 4,000 लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 42,000 लोग सामुदायिक निगरानी में हैं। इतना ही नहीं 82 संक्रमितों में से 72 की हालत में काफी सुधार भी हो चुका है। हालांकि लेकिन चीन जो तकनीक और प्रणाली का सहारा लिया भारत में अभी ऐसे प्रयास नहीं शुरु हुए हैं। इसका कारण ये हैं कि भारत में शुरुआत से ही इसे महामारी के तौर पर लेते हुए सावधानी बरती जा रही हैं। माना जा रहा हैं कि भारत जल्‍द ही इस पर नियंत्रण पाने में कामयाब हो जाएगा।

राहत की खबर! भारत में अब तक ठीक हुए Coronavirus के इतने मरीज

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English summary
Know how China Managed to Overcome Coronavirus by Correcting the Mistakes, Can India make That Effort
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