किरेन रिजिजू ने अनेकता में एकता को बढ़ावा देने के लिए अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर पेश की
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए अजमेर का दौरा किया। जब उनसे उनके दौरे के उद्देश्य के बारे में पूछा गया तो रिजिजू ने कहा, "प्रधानमंत्री का संदेश सद्भाव और भाईचारे का है। विविधता में एकता हमारी संस्कृति है।"
सोशल मीडिया पोस्ट में रिजिजू ने लिखा, "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से चादर लेकर अजमेर शरीफ दरगाह जा रहा हूं। यह आस्था का एक ऐसा प्रतीक है जो लाखों लोगों को जोड़ता है और शांति एवं भाईचारे के मूल्यों को दर्शाता है। उर्स के दौरान लाखों लोग आते हैं और हम एकता के अपने संदेश को मजबूत करते हुए उनकी यात्रा को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"

अजमेर यात्रा: एक प्रतीकात्मक संकेत
मीडिया को संबोधित करते हुए रिजिजू ने गरीब नवाज की दरगाह पर 'उर्स' के दौरान जाने को "देश की पुरानी परंपरा" बताया। उन्होंने कहा कि हिंदू, जैन और सिख जैसे विभिन्न समुदायों के लोग गरीब नवाज से दुआ मांगते हैं। पीएम मोदी की ओर से चादर चढ़ाना पूरे देश की ओर से चादर चढ़ाने का प्रतीक है।
वार्षिक परंपरा जारी है
गुरुवार को पीएम मोदी ने रिजिजू को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के लिए अजमेर शरीफ दरगाह पर चढ़ाई जाने वाली चादर सौंपी। पदभार संभालने के बाद से पीएम मोदी इस अवसर पर हर साल चादर भेजते रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह वार्षिक कदम भारत में विभिन्न समुदायों के बीच एकता और शांति को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अजमेर शरीफ दरगाह में चढ़ावा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सांप्रदायिक सद्भाव पर इसके जोर की याद दिलाता है।












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