Kerala Governor AM Khan की दो टूक, विश्वास खो चुके हैं वित्त मंत्री बालगोपाल, कार्रवाई करें मुख्यमंत्री विजयन
Kerala Governor AM Khan ने प्रदेश के वित्त मंत्री की टिप्पणी पर सवाल खड़ा किया है। वित्त मंत्री ने कहा था कि यूपी से आने वाले राज्यपाल क्या केरल की शिक्षा प्रणाली को समझ सकते हैं ? Kerala Governor AM Khan finance ministe
Kerala Governor AM Khan ने कहा, प्रदेश के वित्त मंत्री के राजस्व का मुख्य स्रोत शराब और लॉटरी है। उन्होंने कहा, केरल के वित्त मंत्री सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक राज्यपाल जो उत्तर प्रदेश से आते हैं, वे केरल की शिक्षा प्रणाली को समझ सकते हैं ?

जानबूझकर शपथ का उल्लंघन
केरल सरकार को लिखे पत्र में गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री पिनारई विजयन से कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा, केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल का कथित बयान उस शपथ का उल्लंघन है जो मैंने उन्हें दिलाई थी। उन्होंने कहा, एक मंत्री जो जानबूझकर शपथ का उल्लंघन करता हो और भारत की एकता और अखंडता को कमजोर करता हो, वह मुझे खुश नहीं कर सकता है।
वित्त मंत्री ने खोया राज्यपाल का विश्वास
केरल के राज्यपाल ने सीएम पिनाराई विजयन से कहा, इन परिस्थितियों में, मेरे पास यह बताने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है कि वित्त मंत्री केएन बालगोपाल अपने बयान के कारण राज्यपाल का विश्वास खो चुके हैं। गवर्नर ने सीएम से दो टूक लहजे में कहा, "मुझे उम्मीद है कि आप इस मामले पर गंभीरता से विचार कर संवैधानिक रूप से उचित कार्रवाई करेंगे।"

राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर हानिकारक प्रभाव
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक विगत 19 अक्टूबर को एक विश्वविद्यालय परिसर में वित्त मंत्री बालगोपाल के भाषण की मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद राज्यपाल इसका संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री उनका विश्वास खो चुके हैं। बुधवार को राज्यपाल ने कहा, क्षेत्रवाद और प्रांतवाद (regionalism and provincialism) की आग को अगर अनियंत्रित होने दिया जाएगा तो हमारी राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर विनाशकारी और हानिकारक प्रभाव हो सकता है। बतौर राज्यपाल मेरे पास यह बताने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है कि वित्त मंत्री बालगोपाल मेरा विश्वास खो चुके हैं।

भारत और अन्य राज्यों के बीच दरार !
केरल के राज्यपाल ने कहा, वित्त मंत्री केएन बालगोपाल की टिप्पणी केरल और भारत के अन्य राज्यों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करती है। एक गलत धारणा पेश करती है। भारत के विभिन्न राज्यों में उच्च शिक्षा की अलग-अलग प्रणालियां हैं। उन्होंने कहा, शिक्षा मंत्री और कानून मंत्री जैसे अन्य लोगों ने भी उन पर हमले किए हैं, लेकिन वह उन्हें नजरअंदाज करना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत चोट पहुंचाई है।
संवैधानिक परिपाटी को भी चुनौती
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, अगर मैं केएन बालगोपाल की देशद्रोही टिप्पणी का संज्ञान नहीं लेता, तो यह मेरी ओर से कर्तव्य की गंभीर चूक होगी। वित्त मंत्री की टिप्पणी न केवल राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देती है, बल्कि इसे बनाने वाले संवैधानिक परिपाटी को भी चुनौती देती है। खान ने कहा, संविधान के आधार पर जरूरी है कि हर राज्य का राज्यपाल उस राज्य के बाहर का हो।
सुप्रीम कोर्ट के जजों पर टिप्पणी से बचने की सलाह
उन्होंने कहा, यह देखना दयनीय है कि बालगोपाल केरल की महान विरासत से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। केरल ने भारतीय एकता के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केरल के वित्त मंत्री पर हमला करते हुए राज्यपाल ने कहा वित्त मंत्री के राजस्व का मुख्य स्रोत शराब और लॉटरी है, वो राज्यपाल पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, मैं उन्हें सलाह दूंगा कि वे सुप्रीम कोर्ट के जजों के बारे में ऐसी टिप्पणी न करें।

SC पर बयान से बढ़ेगी परेशानी
खान ने आगाह किया कि कल सुप्रीम कोर्ट ने केरल तकनीकी विश्वविद्यालय के वीसी की नियुक्ति के खिलाफ फैसला दिया। अप्वाइंटमेंट वित्त मंत्री और सरकार ने की थी। ऐसे में अगर वित्त मंत्री कहेंगे कि न्यायाधीश महाराष्ट्र और असम से हैं, इसलिए वे केरल की शिक्षा प्रणाली को नहीं समझते, तो वे खुद को मुश्किल में डालेंगे।












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