केजरीवाल ने पूछा- देश बेरोजगारी और महंगाई से परेशान, नागरिकता कानून की अभी क्या जरूरत है

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन एक्ट पर मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने मोदी सरकार से पूछा कि नागरिकता संशोधन कानून की अभी क्या जरूरत है जबकि देश के युवाओं को नौकरी चाहिए? एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केंद्र सरकार से जानना चाहता हूं कि इस समय नागरिकता कानून लाने की क्या जरूरत थी?

CM केजरीवाल ने मोदी सरकार से पूछा ये सवाल

CM केजरीवाल ने मोदी सरकार से पूछा ये सवाल

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह पूरे देश में कानून के रूप में लागू हो चुका है। इस कानून के विरोध में जगह-जगह पर हिंसक प्रदर्शन हुए और सरकार से बिल वापस लिए जाने की मांग की जा रही है। कांग्रेस भी इसके विरोध में है और उसके राज्य सरकारों ने पहले ही नागरिकता कानून को स्वीकार करने से मना कर दिया है। दिल्ली में भी रविवार को इसके विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ और आगजनी भी की गई। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने इस मुद्दे पर सरकार से तीखा सवाल पूछा है, उन्होंने बीजेपी को भी आड़े हाथ लिया है।

देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर

देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर

मंगलवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे सीएम केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, मैं पूछना चाहता हूं कि अभी नागरिकता कानून लाने की ऐसी क्या जरूरत पड़ गई थी। वर्तमान समय में देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, लोग नौकरियों और समानों के महंगे होने का रोना रो रहे है। सरकार को चाहिए था कि वह नागरिकता संशोधन एक्ट की बजाए इन बड़ी समस्याओं पर अपना ध्यान केंद्रीत करे।

जामिया हिंसा पर कही ये बात

जामिया हिंसा पर कही ये बात

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश, सरकार और राजनीतिक पार्टीयों को साथ आकर इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि जीडीपी ग्रोथ में गिरावट से किस प्रकार लड़ा जाए। अभी नागरिकता संशोधन एक्ट पर चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम केजरीवाल ने रविवार को जामिया हिंसा पर भी बात करते हुए कहा कि मैं दिल्ली की वर्तमान स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हूं। मैंने इस मुद्दे पर दिल्ली के राज्यपाल से भी बात की और गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलने का समय मांगा है, ताकि राजधानी की में शांति वापस स्थापित की जाए।

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