कठुआ गैंगरेप: सुप्रीम कोर्ट ने केस पठानकोट ट्रांसफ़र किया, पर क्यों?

गैंगरेप केस के खिलाफ प्रदर्शन
Getty Images
गैंगरेप केस के खिलाफ प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले को पंजाब के पठानकोट स्थानांतरित कर दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में बंद कमरे में नियमित रूप से बिना किसी देरी के होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि सुनवाई जम्मू-कश्मीर में लागू रणबीर पैनल कोड के तहत ही की जाएगी.

जम्मू-कश्मीर में कुछ क़ानून भारत के केंद्रीय क़ानून से अलग हैं.

जनवरी में जम्मू के कठुआ में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार, परिवार से जुड़े लोगों और उनके वकील की सुरक्षा को बरक़रार रखने का आदेश भी दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने केस से जुड़े दस्तावेज़ों को उर्दू से अंग्रेज़ी में अनुवादित करने के लिए भी कहा है.

सांजी राम
Getty Images
सांजी राम

अदालत ने कहा है कि नाबालिग अभियुक्त को मिली सुरक्षा भी बरक़रार रखी जाए.

सुनवाई जुलाई में

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई अब जुलाई में होगी जब सुप्रीम कोर्ट गर्मियों की छुट्टियों के बाद दोबारा खुलेगा.

कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले के बाद देशभर में प्रदर्शन हुए थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठी थी.

इस मामले में पीड़िता एक आठ साल की मुसलमान गुर्जर समुदाय की लड़की थी जिसे दस जनवरी को अग़वा किया गया था. पीड़िता का शव एक सप्ताह बाद मिला था.

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले, कठुआ गैंगरेप मामले पर सुनवाई में कहा था कि अदालत मामले में निष्पक्ष सुनवाई और उचित सुनवाई को लेकर गंभीर है.

पीड़िता के पिता ने ख़तरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुनवाई कठुआ से बाहर स्थानांतरित कराने की गुहार लगाई थी.

वहीं, अभियुक्तों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में सुनवाई को जम्मू स्थानांतरित किए जाने और सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग उठायी गई थी.

क्यों ट्रांसफर हुआ मामला?

कठुआ मामले में देशभर में हुए थे प्रदर्शन
Getty Images
कठुआ मामले में देशभर में हुए थे प्रदर्शन

आमतौर पर जब पीड़ित परिवार अपनी जान को ख़तरा या अदालती कार्रवाई में दख़ल का ख़तरा महसूस करते हैं तो वो वह सुनवाई को किसी बाहरी जगह पर स्थानांतरित कराने की मांग करते हैं.

अदालती कार्रवाई को किसी तरह के दबाव से मुक्त करने के लिए भी मामले की सुनवाई को स्थानांतरित किया जाता है.

उदाहरण के तौर पर गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर मामले की सुनवाई मुंबई में हो रही है क्योंकि गुजरात में सुनवाई को प्रभावित किए जाने की आशंका थी.

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील आलोक कुमार बताते हैं, "कोई भी मुक़दमा एक ज़िले से दूसरे ज़िले या राज्य से दूसरे राज्य में तब ही स्थानांतरित किया जाता है जब अदालत को लगता है कि जहां सुनवाई चल रही है वहां हस्तक्षेप किया जा सकता है."

अधिकतर मामलों में पीड़ित पक्ष शीर्ष अदालत से मामले को स्थानांतरित करने की ग़ुहार लगाते हैं. शीर्ष अदालत ऐसे निष्पक्ष स्थान पर मुक़दमे को भेज देती हैं जहां अभियुक्त पक्ष कोई दख़ल न दे सके.

चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में शीर्ष अदालत ने सुनवाई को गाज़ियाबाद से दिल्ली स्थानांतरित किया था. पंजाब के चर्चित डीजीपी केपीएस गिल के मामले को भी सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से दिल्ली भेज दिया था.

आलोक कुमार कहते हैं, "ज़्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष ही मामले को स्थानांतरित करने की याचिका दायर करता है, लेकिन कई बार जांच एजेंसी भी ऐसा कर सकती हैं. उदाहरण के तौर पर सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव के मामले को बिहार से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की थी क्योंकि उन्हें लगता था कि लालू बिहार में जांच को प्रभावित कर सकते हैं."


मामले में कब क्या हुआ?

  • जम्मू और कश्मीर सरकार ने 23 जनवरी 2018 को मामले की जांच राज्य पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी.
  • क्राइम ब्रांच ने 10 फ़रवरी को एक स्पेशल पुलिस ऑफ़िसर दीपक खजुरिया को गिरफ़्तार किया.
  • दीपक खजुरिया की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिफ़्तार किया है.
  • क्राइम ब्रांच ने 10 अप्रैल को इस मामले में कठुआ की एक अदालत में आरोप-पत्र दाख़िल किया था.
  • आरोप पत्र दाख़िल करते समय कठुआ के कई वकीलों ने अदालत के बाहर हंगामा किया और पुलिस को आरोप-पत्र दाख़िल करने रोकने की कोशिश की.
  • आरोप-पत्र दाख़िल होने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख़ दी.
  • क्राइम ब्रांच ने अपने आरोप-पत्र में लिखा है कि पहले बच्ची का अपहरण किया गया, उसे नशीली दवाएं खिलाई गईं और कई दिनों तक उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता रहा.
  • क्राइम ब्रांच ने अपने आरोप-पत्र में ये भी कहा गया है कि बच्ची को कई दिनों तक इलाक़े के एक मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था. बाद में उसकी हत्या कर दी गई.
  • 16 जनवरी को 'हिंदू एकता मंच' नाम के एक संगठन ने कठुआ में वकीलों के समर्थन में रैली निकाली, जिसमें बीजेपी के स्थानीय विधायक राजीव जसरोटिया और दूसरे नेता भी शामिल थे.
  • 4 मार्च को बीजेपी के दो मंत्री चौधरी लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा ने कठुआ में 'हिंदू एकता मंच' की रैली को संबोधित किया और मामले की सीबीआई जाँच की मांग की.
  • 5 अप्रैल को इस पूरी घटना के कथित मास्टरमाइंड सांजी राम ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
  • 13 अप्रैल को बीजेपी के दो मंत्री लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा से पार्टी ने इस्तीफ़ा माँगा.
  • 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर सरकार से इस बात का जवाब माँगा कि पीड़िता के परिवारवालों ने मामले के ट्रायल को राज्य से बाहर कराए जाने की मांग की है.
  • 18 अप्रैल को पहली सुनवाई में क्राइम ब्रांच से कहा गया कि सभी आरोपियों को आरोप-पत्र की कॉपी दी जाए.
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर 7 मई की तारीख़ दी थी. दरअसल, पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल कर केस का ट्रायल जम्मू और कश्मीर से बाहर कराने की मांग की थी.
  • जम्मू और कश्मीर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को राज्य से बाहर केस ट्रांसफ़र न करने का अनुरोध किया है. राज्य सरकार की दलील है कि क्राइम ब्रांच मामले की जांच सही तरीक़े से कर रही है.
  • अभियुक्तों के परिवार वाले मामले की सीबीआई जाँच की मांग करते आए हैं. सीबीआई जाँच की मांग का समर्थन 'हिंदू एकता मंच' भी कर रहा है.
  • राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने शुरू से इस मामले में सीबीआई जाँच से इनकार किया है.
  • बकरवाल समुदाय की जम्मू-कश्मीर में कुल आबादी क़रीब बारह लाख है. बकरवाल समुदाय खाना-बदोश लोग होते हैं जो छह महीने सर्द वाले इलाके कश्मीर में रहते हैं और छह महीने गर्म वाले इलाके जम्मू में रहते हैं.

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+